बलरामपुर, 15 मई । शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। महतारी वंदन योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और भविष्य के प्रति जागरूक होने की नई प्रेरणा भी दे रही है।
महाराजगंज सेक्टर निवासी सुगंती सिंह बताती हैं कि सीमित आय वाले परिवार में दो बेटियों का पालन-पोषण और उनके भविष्य की चिंता हमेशा बनी रहती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति के बीच बच्चों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना उनके लिए संबल बनकर सामने आई।
योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि को सुगंती सिंह ने अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ दिया है। वे हर महीने मिलने वाली राशि को अपनी दोनों बेटियों के नाम से बैंक खाते में जमा कर रही हैं, ताकि आगे चलकर उनकी पढ़ाई और सपनों को पूरा करने में यह बचत काम आ सके।सुगंती सिंह का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें बेटियों को आगे बढ़ाने की ताकत दी है। आज की छोटी-छोटी बचत भविष्य में बड़ी मदद साबित होगी। पहले बेटियों के भविष्य को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन अब लगातार हो रही बचत से उन्हें भरोसा मिला है कि आने वाले समय में उनकी बेटियों की शिक्षा और जरूरतों को पूरा करने में परेशानी नहीं होगी।
वे बताती हैं कि योजना से मिली आर्थिक सहायता ने परिवार को सहारा देने के साथ-साथ भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर भी दिया है। सुगंती सिंह महिला बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अन्य महिलाओं को भी बचत और बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं।महतारी वंदन योजना से सुगंती जैसी कई महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे परिवार के भविष्य से जुड़े फैसलों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।