रायपुर
। ग्रामीण
महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में संचालित राज्य शासन की
महत्वाकांक्षी ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” योजना गांव-गांव में बदलाव की नई
कहानियां लिख रही है। इसी कड़ी में गौरेला विकासखंड के ग्राम लालपुर के आश्रित
ग्राम मंदपुर निवासी श्रीमती उषा राठौर ने स्व सहायता समूह से जुड़कर अपनी जिंदगी
को नई दिशा दी है। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को
भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।
श्रीमती
उषा राठौर सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के
बाद उन्हें आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण
और व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। पहले वे छोटे स्तर पर दुकान संचालित करती
थीं, जिससे
सीमित आय होती थी और परिवार की जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता था। लेकिन बिहान
योजना के माध्यम से समूह से ऋण मिलने के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार
किया और कपड़े तथा किराना स्टोर्स की दुकानों का सफल संचालन शुरू किया।
उषा राठौर ने बताया कि स्व- सहायता समूह से जुड़ने के
बाद उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है। अब उनके द्वारा संचालित दुकान से
प्रतिमाह 10 से 12 हजार रुपए तक की नियमित आय हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में
सुधार आया है और बच्चों की पढ़ाई सहित घरेलू जरूरतों को पूरा करना आसान हो गया है।
उषा ने
बताया कि शासन की महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि भी उनके लिए काफी सहायक
साबित हो रही है। समय पर मिलने वाली इस सहायता राशि से घर की छोटी-छोटी जरूरतें
आसानी से पूरी हो जाती हैं, जिससे परिवार को आर्थिक संबल मिला
है।
उषा राठौर
ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” ने उन्हें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की
नई पहचान दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि
शासन की योजनाओं के कारण ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़े होने
का अवसर मिल रहा है।
ग्रामीण
क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में बिहान
योजना प्रभावी भूमिका निभा रही है। उषा राठौर जैसी महिलाएं आज अन्य ग्रामीण
महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आ रही हैं, जो मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई कहानी लिख रही हैं।