सिर्फ 11 रुपये में सलमान खान की 'मातृभूमि' देख सकेंगे ये लोग! भाईजान की दरियादिली ने जीता दिल

Posted on: 2026-11-07


hamabani image

बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान एक बार फिर अपने खास अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी आने वाली फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' है। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान सलमान खान ने एक ऐसा ऐलान किया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दरअसल, उन्होंने बुजुर्ग दर्शकों के लिए फिल्म की टिकट सिर्फ 11 रुपये रखने की घोषणा की है। इस खास पहल के तहत 75 साल या उससे अधिक उम्र के लोग महज 11 रुपये खर्च करके सिनेमाघरों में सलमान खान की फिल्म देख सकेंगे। सलमान के इस फैसले की सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है और इसे बुजुर्गों के लिए एक खास तोहफे के रूप में देखा जा रहा है।

75 साल से अधिक उम्र के लोगों को मिलेगा फायदा

सलमान खान ने मुंबई में आयोजित फिल्म के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि 75 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए 'मातृभूमि' का टिकट 11 रुपये रखा गया है। यानी यह ऑफर सभी दर्शकों के लिए नहीं, बल्कि खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। आज के समय में मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों में फिल्मों की टिकट काफी महंगी हो सकती हैं। ऐसे में बुजुर्गों को इतनी कम कीमत पर फिल्म देखने का मौका देना एक अलग पहल है। इससे उन वरिष्ठ नागरिकों को भी सिनेमाघर में फिल्म देखने का अवसर मिल सकता है, जो बढ़ती टिकट कीमतों के कारण अक्सर थिएटर जाने से बचते हैं। हालांकि, इस ऑफर की बुकिंग प्रक्रिया, सिनेमाघरों और उम्र के प्रमाण से जुड़ी विस्तृत शर्तों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

सलमान खान की 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' लंबे समय से चर्चा में है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। इसमें सलमान खान के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म पहले 'बैटल ऑफ गलवान' नाम से चर्चा में थी, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर 'मातृभूमि' कर दिया गया। अब यह फिल्म 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की कहानी भारतीय सैनिकों, उनके संघर्ष और उनके परिवारों की परिस्थितियों के इर्द-गिर्द घूमती है।

ट्रेलर लॉन्च के दौरान सलमान खान ने फिल्म की रिलीज में हुई देरी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स यानी VFX को बेहतर बनाने के लिए टीम ने अतिरिक्त समय लिया। मेकर्स चाहते थे कि दर्शकों को बड़े पर्दे पर शानदार सिनेमाई अनुभव मिले और किसी भी दृश्य में कमी महसूस न हो।