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जांजगीर-चांपा, 23 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ लेने का मामला सामने आया है। इस मामले में जांजगीर पुलिस ने जितेंद्र बघेल और बैजनाथ बघेल के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। दोनों आरोपित जांजगीर के निवासी हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जितेंद्र बघेल ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर खुद को ग्राम मसान निवासी फूल सिंह कंवर का पुत्र बताया। इसके बाद कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर तहसील कार्यालय जांजगीर से जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इन दस्तावेजों के आधार पर शासन की योजनाओं का अनुचित लाभ लेने का आरोप है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जितेंद्र बघेल ने जिला अंत्यावसायी विभाग में झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें उसने किसी भी बैंक से ऋण नहीं लेने की जानकारी दी थी, जबकि वह पहले ही पंजाब नेशनल बैंक से ऋण ले चुका था। इस तथ्य को छिपाकर विभाग से ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, अंत्यावसायी सहकारी समिति से ऋण लेते समय जितेंद्र बघेल ने बैजनाथ बघेल को जमानतदार बनाया था। शिकायत में बैजनाथ बघेल को जितेंद्र का जैविक पिता बताया गया है। आरोप है कि दोनों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और गलत जानकारी देकर जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के साथ सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ लिया।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों की जांच की। प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर थाना जांजगीर में शुक्रवार को जितेंद्र बघेल और बैजनाथ बघेल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जांजगीर पुलिस का कहना है कि मामले को विवेचना में लिया गया है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने, प्रमाण पत्र प्राप्त करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।