Posted on:
रायपुर, 22 अक्टूबर । भारतीय कृषि अनुसंधान परिषददृराष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर & एनआईबीएसएम), रायपुर द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बेमेतरा के समन्वय से आज गुरुवार काे ग्राम बगौद, जिला बेमेतरा, में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्देश्य किसानों को फसलों में कीटों, रोगों एवं अन्य जैविक तनावों से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना तथा वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को खेत स्तर तक पहुँचाना है।
कार्यक्रम में आईसीएआर & एनआईबीएसएम के संयुक्त निदेशक एवं अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. एसके जैन, डॉ. केसी शर्मा, डॉ. अजय वर्मा तथा कृषि विज्ञान केंद्र, बेमेतरा के डॉ. लव कुमार उपस्थित रहे। वैज्ञानिकों ने किसानों से संवाद कर उनकी कृषि संबंधी समस्याओं पर चर्चा की और फसल सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय बताए।
इस अवसर पर डॉ. पंकज शर्मा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेत बचाओ अभियान का प्रमुख उद्देश्य फसलों को जैविक तनावों से सुरक्षित रखने के साथ-साथ कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल बनाना है। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने, उपयुक्त वैकल्पिक फसलों को शामिल करने, फसल चक्र अपनाने तथा कीटों एवं रोगों की समय पर पहचान कर समन्वित प्रबंधन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विविधीकृत फसल प्रणाली से कृषि जोखिम कम करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
डॉ. केसी शर्मा ने फसलों में कीट एवं रोगों की समय पर पहचान, समन्वित कीट प्रबंधन (आईपीएम), संतुलित पोषण तथा रासायनिक कीटनाशकों एवं रोगनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को पर्यावरण-अनुकूल एवं वैज्ञानिक फसल सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. लव कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र, बेमेतरा ने स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुरूप फसल विविधीकरण, फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा वैज्ञानिक कृषि सलाह के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को उपलब्ध कृषि तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन एवं लाभप्रदता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।