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बलरामपुर, 19 अक्टूबर। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड में आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर फर्जी अंकसूची के आधार पर नियुक्ति के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दसवें आरोपित को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आराेपित विष्णु यादव (33) को 18 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस पहले ही नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है।
पुलिस ने सोमवार को विज्ञप्ति जारी कर बताया कि, एकीकृत बाल विकास परियोजना कुसमी की प्रभारी परियोजना अधिकारी ने 23 अगस्त 2025 को शंकरगढ़ विकासखंड में आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर फर्जी अंकसूची के आधार पर नियुक्ति किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में संगठित आपराधिक षड्यंत्र के जरिए कूटरचित अंकसूची और अन्य दस्तावेज तैयार कर नियुक्ति हासिल करने का मामला सामने आया था। इसके बाद शंकरगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 115/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में सुशीला सिंह, अरमाना, रिजवाना, प्रियंका यादव, उमाशंकर पैकरा, शिवनारायण, आबिद अंसारी, समसुद्दीन अंसारी और सहीना परवीन को अगस्त 2025 में गिरफ्तार किया था। इन सभी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। मामले में विष्णु यादव घटना के बाद से फरार चल रहा था।
पुलिस ने उसकी तलाश के बाद विष्णु यादव, पिता प्रेमशंकर यादव, निवासी भैरोपुर, थाना चलगली, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज को 18 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।