स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टेम सेल थेरेपी के नियमन को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह जारी की है।

Posted on: 2026-09-17


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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्टेम सेल थेरेपी के नियमन के संबंध में एक परामर्श जारी किया है। परामर्श में दोहराया गया है कि मौजूदा ढांचा यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि स्टेम सेल थेरेपी को नियमित नैदानिक ​​अभ्यास में मानक उपचार के रूप में केवल मंत्रालय द्वारा अनुमोदित सूची में शामिल बीमारियों के लिए ही अनुमति दी जाए।
 
इसमें यह भी निर्धारित किया गया है कि ऑटिज्म में किसी भी प्रकार की स्टेम सेल का चिकित्सीय उपयोग, स्टेम सेल अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश, 2017 के अनुसार, विधिवत अनुमोदित नैदानिक ​​परीक्षणों तक ही सीमित रहेगा। ये दिशानिर्देश भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जारी किए गए थे।
 
यह सलाह उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी की गई है जिन्होंने क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 को अपनाया है। मंत्रालय ने संबंधित राज्य और जिला नियामक प्राधिकरणों और क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स से स्टेम सेल अनुसंधान और चिकित्सा को नियंत्रित करने वाले लागू ढांचे का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है।