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वडोदरा (गुजरात), 09 सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वडोदरा दौरे के दौरान जूनागढ़ की राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता विश्वा हितेशभाई वाडोरिया उनसे मुलाकात कर भावुक हो गईं। प्रधानमंत्री को अपने सामने देखकर विश्वा की आंखों से आंसू छलक पड़े। उनका प्रधानमंत्री से मिलने का यह क्षण उनके लिए बेहद यादगार बन गया।
विश्वा ने बताया कि वह जूनागढ़ जिले के मालिया हाटीना तहसील के एक छोटे से गांव से आती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि, “मोदीजी, आप मेरे पप्पा के भगवान हैं। आपको इतनी नजदीक से देखना मेरे लिए एक सपना था, जो आज पूरा हो गया।”
पिता ने खेल महाकुंभ में कराया पंजीकरण
राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता विश्वा ने बताया कि उनके गांव में लड़कियों को खेलों में भाग लेने के लिए आसानी से अवसर नहीं मिलते थे। उनके पिता हितेश वाडोरिया ने खेल महाकुंभ में उनका नाम दर्ज कराया, जो उनके खेल जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इसके बाद विश्वा ने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। वर्तमान में वह खेल प्राधिकरण गुजरात की कोच (चेस प्रशिक्षक) के रूप में कार्य कर रही हैं।
‘खेल महाकुंभ से मुझे नौकरी मिली’
विश्वा ने बताया कि वह 23 वर्ष की उम्र से प्रधानमंत्री को करीब से देखने के इस अवसर का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए खेल महाकुंभ ने उनके जीवन और खेल करियर में महत्वपूर्ण बदलाव लाया। इसी पहल के कारण उन्हें नौकरी मिली और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ। विश्वा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद उन्हें बहुत प्रेरणा मिली है। प्रधानमंत्री को देखकर उन्हें भी देश के लिए कुछ करने और अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।