नई दिल्ली, 01 सितंबर । जानी-मानी लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड (एसएएसएल) ने आज कमजोरी के साथ स्टॉक मार्केट में एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 138 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 9.78 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 124.50 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 10.14 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 124 रुपये के स्तर पर हुई।
कमजोर लिस्टिंग के बाद हुई बिकवाली के कारण थोड़ी देर में ही कंपनी के शेयर 119 रुपये के स्तर तक गिर गए। हालांकि, इसके बाद बाजार में लिवाली शुरू हो गई, जिससे इसके भाव में सुधार होने लगा। खरीदारी के सपोर्ट से शेयर 136.40 रुपये के स्तर तक आ गया। इसके बाद एक बार फिर बिकवाली का दबाव बन गया, जिसके कारण ये शेयर लगातार गिरता चला गया। पूरे दिन के कारोबार के बाद ये शेयर 125.65 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह खरीदारी का सपोर्ट मिलने के बावजूद पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 12.35 रुपये यानी 8.95 प्रतिशत का नुकसान हो गया।
एसएएसएल का 582.80 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 27 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जोरदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 71.25 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 139.69 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 87.24 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 25.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 4,22,31,600 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 399 करोड़ रुपये के 2,88,98,300 नए शेयर बेचे गए हैं, जबकि लगभग 184 करोड़ रुपये के 1,33,33,300 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बिके हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी सब्सिडरी फोरिन कंटेनर लाइन प्राइवेट लिमिटेड के पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
स्काईवेज एयर सर्विसेज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 34.49 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 48.14 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 63.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,316.81 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2,270.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 2,839.67 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 357.34 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 558.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 624.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 154.26 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 247.14 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 332.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 48.34 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 86.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 125.65 करोड़ रुपये के स्तर पर था।