प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने नेपाली समकक्ष बलेंद्र शाह से बात की और वहां बाढ़ के कारण हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया तथा उन्हें बताया कि भारत पड़ोसी देश को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
मोदी ने यह भी कहा कि भारत के लोग इस कठिन समय में नेपाल में रहने वाले अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।
तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के दो जिलों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने चार लोगों की जान ले ली, नदी के किनारे बसी बस्तियों में व्यापक तबाही मचाई और बुधवार तड़के कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया।
अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत की ओर से आने वाली बाढ़ भोटे कोशी नदी में सुबह लगभग 9 बजे (स्थानीय समय) के आसपास उमड़ पड़ी, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धाडिंग जिले तथा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला प्रभावित हुए।
'X' पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, "हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।"
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को नेपाल के रसुवा जिले में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लगभग 400 लोग लापता हैं, जिनमें कम से कम 105 भारतीय और 37 अनिवासी नागरिक शामिल हैं। इस बाढ़ ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया।