केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में ‘मिशन समृद्ध गाँव’ योजना का शुभारंभ किया। मिशन के तहत गरीबी-मुक्त, रोजगारयुक्त और बुनियादी सुविधाओं से संपन्न गांवों के निर्माण के लिए समग्र एवं एकीकृत मॉडल विकसित किया जाएगा। मध्य प्रदेश के चयनित ब्लॉकों में पायलट मॉडल तैयार कर इसे सफल होने पर देश के अन्य हिस्सों में दोहराने की योजना है।
परिवारों की जरूरत के आधार पर योजनाओं से जोड़ा जाएगा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मिशन का उद्देश्य ऐसे मॉडल गांव विकसित करना है, जहां हर परिवार के पास रोजगार या आजीविका का अवसर हो, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों और लोगों को मजबूरी में पलायन न करना पड़े। इसके तहत परिवार से लेकर ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर तक समेकित विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी। प्रत्येक परिवार की जरूरत और पात्रता के आधार पर उसे केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
मध्य प्रदेश में दो ब्लॉकों से पायलट मॉडल
मिशन के तहत मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुदनी और देवास जिले के खातेगांव ब्लॉक में पायलट मॉडल विकसित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण के जरिए गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और समग्र ग्राम विकास को व्यवहार में उतारा जाएगा। सफल मॉडल को बाद में अन्य क्षेत्रों में दोहराने का लक्ष्य है।
कृषि से स्वास्थ्य और शिक्षा तक समग्र विकास
चौहान ने कहा कि मिशन केवल कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आजीविका और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास के लिए एक प्रयोगात्मक मॉडल है, जिसे सफल होने पर बड़े स्तर पर लागू किया जा सकेगा।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू कर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए, तो गरीबी को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “लोगों की जिंदगी बदलना मेरी जिंदगी का मकसद है।” मिशन को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों, प्रशासन, पंचायती राज संस्थाओं और साझेदार संस्थाओं को टीम के रूप में काम करना होगा।
संस्थागत साझेदारी से ग्रामीण विकास को गति
मिशन के क्रियान्वयन में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन, गेट्स फाउंडेशन, एक्सिस बैंक फाउंडेशन, एचएसबीसी, सिटीबैंक और अन्य साझेदार संस्थाओं के सहयोग एवं सुझावों का स्वागत किया गया है। चौहान ने कहा कि सरकार, पंचायती राज संस्थाओं, नागरिक समाज संगठनों और निजी क्षेत्र के बीच प्रभावी समन्वय से ग्रामीण विकास को नई गति दी जा सकती है।
महिला किसानों और ग्रामीण महिलाओं पर विशेष ध्यान
मिशन के तहत महिला किसानों की पहचान कर उन्हें कृषि संबंधी सलाह और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। चौहान ने ‘लखपति दीदी’ अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि जब ग्रामीण महिलाओं ने अपने जैसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होते देखा, तो उनमें भी आगे बढ़ने का विश्वास और उत्साह पैदा हुआ। ऐसे सफल मॉडलों को सामने लाकर अन्य गांवों में भी दोहराया जाएगा।
विविध कृषि गतिविधियों से बढ़ेगी किसानों की आय
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे और सीमित कृषि जोत वाले किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना जरूरी है। किसानों को केवल अनाज उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय फल एवं सब्जी उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी विविध गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
वेयरहाउस और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वेयरहाउस, खाद्य प्रसंस्करण और उत्पादन आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को केवल कच्ची उपज बेचने के बजाय मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।