चेन्नई, 17 अगस्त । तमिलनाडु में भूखंड परियोजना के पहले भूखंड और अपार्टमेंट में पहले घर की बिक्री से संबंधित दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन प्रेसेंसलेस रजिस्ट्रेशन (बिना उपस्थिति के पंजीकरण) को अनिवार्य बनाने की प्रक्रिया मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को शुरू की। सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वाणिज्यिक कर एवं पंजीकरण विभाग की इस नई व्यवस्था की शुरुआत की।
राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत भूखंड परियोजना में पहले भूखंड की बिक्री और अपार्टमेंट परियोजना में पहले घर की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का पंजीकरण अब ऑनलाइन प्रेसेंसलेस रजिस्ट्रेशन के माध्यम से ही किया जाएगा। इसका उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और अधिक सुविधाजनक बनाना है।
पंजीकरण विभाग पहले से ही आम जनता को ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। इस व्यवस्था के तहत लोग उप-पंजीयक कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए बिना विभाग की वेबसाइट के माध्यम से कहीं से भी और कभी भी अपने दस्तावेज पंजीकृत कर सकते हैं। इसे ‘एनीवेयर रजिस्ट्रेशन’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार, नई प्रेसेंसलेस व्यवस्था के लागू होने से संबंधित पक्षों को उप-पंजीयक कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी। इससे पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ने के साथ आम लोगों को समय की बचत भी होगी।
ऐसे होगा ऑनलाइन पंजीकरण
नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण विभाग की वेबसाइट पर संबंधित व्यक्ति को स्वयं अपना लॉगिन बनाना होगा। इसके बाद निर्धारित दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे।
दस्तावेज तैयार करने वाले, दस्तावेज प्राप्त करने वाले और गवाहों सहित सभी संबंधित व्यक्तियों के आधार कार्ड की प्रतियां ऑनलाइन अपलोड करनी होंगी। इसके बाद आधार प्राधिकरण के माध्यम से फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के जरिए पहचान का सत्यापन किया जाएगा।
तकनीकी उपकरण जरूरी
प्रेसेंसलेस दस्तावेज पंजीकरण के लिए इंटरनेट कनेक्शन के साथ यूआईडीएआई द्वारा अधिकृत एल-1 फिंगरप्रिंट मशीन और आईरिस स्कैनिंग उपकरण आवश्यक होंगे। इसके अलावा फोटो लेने के लिए संबंधित व्यक्ति के पीछे नीले रंग की स्क्रीन और फोटो खींचने के लिए कैमरा या वेबकैम की आवश्यकता होगी।
24 घंटे में कार्रवाई जरूरी
नई व्यवस्था की प्रमुख विशेषता यह है कि ऑनलाइन जमा किए गए दस्तावेजों पर उप-पंजीयक को 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। उप-पंजीयक दस्तावेजों को पंजीकृत कर सकते हैं, किसी सुधार के लिए वापस भेज सकते हैं या निर्धारित कारणों के आधार पर उन्हें अस्वीकार कर सकते हैं।
सरकार का कहना है कि बिना व्यक्तिगत उपस्थिति के दस्तावेज पंजीकरण की यह व्यवस्था पंजीकरण सेवाओं को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने में मदद करेगी।