वन विभाग के असना नर्सरी के मजदूरों की मजदूरी का नहीं हुआ भुगतान

Posted on: 2026-08-07


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जगदलपुर, 07 अगस्त । बस्तर जिले के बकावंड वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम छेपड़ागुड़ा में वर्षों से संचालित इस असना नर्सरी में विभिन्न प्रकार के पौधों का उत्पादन किया जाता है। यहां के महिला मजदूरों द्वारा उनकी मजदूरी का भुगतान 5-6 माह के बाद भी नहीं करने का आरोप लग रहे हैं।

ग्रामीण महिला मजदूरों का कहना है कि ग्राम पंचायत छेपड़ागुड़ा, धोबीगुड़ा और इरिकपाल की महिला मजदूरों से काम तो कराया गया, लेकिन उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि ई-पोर्टल के माध्यम से होने वाले भुगतान में गड़बड़ी हुई, जिससे मेहनतकश मजदूरों की मेहनत की कमाई उन तक नहीं पहुंच सकी।

पीड़ित महिला मजदूर फूलमति ने बताया कि वन विभाग द्वारा ई-पोर्टल के माध्यम से मजदूरी का भुगतान किया जाता था, लेकिन कई मजदूरों के खातों में विगत 5-6 माह के बाद भी आज तक मजदूरी की राशि नहीं पहुंची। उनका आरोप है कि मेहनत करने के बावजूद उन्हें उनकी मजदूरी से वंचित रखा गया। महिला मजदूराें ने आरोप लगाया कि भुगतान किए बिना उनसे लगातार कार्य कराया गया, जिससे उनके सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी के अनुसार कुछ महिला मजदूरों का भुगतान विभिन्न मदों से कराया गया है, जबकि शेष मामलों की जांच जारी है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी पात्र मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा।

उप वन मंडलाधिकारी जगदलपुर रात्रे ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है, 16 अगस्त तक सभी मजदूरों के खातों में भुगतान किए जाने की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।