बलरामपुर, 04 अगस्त। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को जिले के अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कार्यालय के भंडार गृह का सत्यापन करने की कोशिश की, लेकिन संबंधित कर्मचारी के अनुपस्थित रहने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
अपर कलेक्टर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि, जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितता को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में वे रामानुजगंज स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे थे।
जांच के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के भंडार गृह का भौतिक सत्यापन किया जाना था। इसके लिए अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारी की मौजूदगी आवश्यक मानी, लेकिन कर्मचारी के छुट्टी पर होने के कारण मंगलवार को भंडार गृह का सत्यापन नहीं हो सका। अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता के अनुसार, इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव से भी जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारी छुट्टी पर है, इसलिए भंडार गृह का सत्यापन नहीं कराया जा सका।
अपर कलेक्टर ने कहा कि, किसी कर्मचारी के छुट्टी पर जाने की स्थिति में सामान्य तौर पर उसके काम का प्रभार किसी दूसरे कर्मचारी को दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि, यदि संबंधित कर्मचारी अनुपस्थित था तो भंडार गृह के सत्यापन के लिए किसी अन्य कर्मचारी को प्रभार क्यों नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि, जांच का उद्देश्य शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है। इसके लिए कार्यालय से संबंधित रिकॉर्ड और भंडार गृह में उपलब्ध सामग्री का सत्यापन किया जाना जरूरी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आई वित्तीय अनियमितता
अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितता का संकेत मिल रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी स्थिति विस्तृत जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही सामने आएगी। जांच के दौरान कार्यालय से संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड, भंडार गृह में उपलब्ध सामग्री और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी आवश्यक जानकारी ली जाएगी।
सत्यापन के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
भंडार गृह का सत्यापन कर्मचारी की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो पाने से जांच फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है। अब संबंधित कर्मचारी की मौजूदगी में भंडार गृह का सत्यापन किए जाने की संभावना है। प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि, वित्तीय अनियमितता किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। अपर कलेक्टर ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।