500 करोड़ का खजाना के नाम पर 15 करोड़ की जमीन, शाहिद ने केकेग्रिव को किया गिरफ्तार

Posted on: 2026-07-31


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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 500 करोड़ रुपये का सरकारी ठेका लेकर 15 करोड़ रुपये के शेयर मामले में बिलासपुर निवासी केकेग्रीव को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। मनी लॉन्ड्रिंग की एडिटिंग मीटिंग के बाद इस कार्रवाई के तहत डीडी ने मैसाचुसेट्स को स्पेशल कॉम्पिटिशन कोर्ट में पेश किया, जहां से 7 अगस्त तक पूछताछ की गई।

डी.एच.डी. केकेग्रीव के अनुसार, विभिन्न माध्यमों से खपाने और उसके माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप लगाया गया है। एजेंसी अब धन के स्रोत, लेन-डेन और अन्य चार लोगों की भूमिका की जांच कर रही है

जांच में सामने आया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में केके ग्रेवेरी तक कई प्रतिष्ठित नेता थे। इसी तरह का प्रभाव। रावत स्थित एसोसिएट कंपनी के मालिक अर्जुन सिंह के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर 500 करोड़ रुपये का खतरा है। जियान मैसाचुसेट्स ने कथित तौर पर 15 करोड़ रुपये की कमाई का विवरण दिया है।

मामले का खुलासा होने के बाद तेलीबांधा थाने में मंदिर की पहचान की गई थी। निर्माण के बाद केकेश्री अपने पुत्र कंचनसामुद्रिक के साथ हो गए। लंबी तलाश के बाद 24 जून 2025 को रायपुर पुलिस ने उसे भोपाल से गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस कोर्ट में एलिजाबेथ की पेशी के दौरान कई मस्जिदों वाले खुलासे भी हुए। जांच में दावा किया गया कि केके ग्रेवी और उनके बेटों ने चीन और ऑस्ट्रेलिया में करोड़ों रुपये का निवेश किया। दोनों के बैंक दस्तावेजों की जांच में करीब 441 करोड़ रुपये का लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है।

मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टा ऐप महादेव बुक से जुड़ी मेस्टिजिक कंपनी में भी निवेश किया था। वहीं, 10 से 17 जुलाई के बीच अपने एक स्टाफ के बैंक में दस्तावेज के भी दस्तावेज मिले हैं।


अब इस मामले में मनी ट्रेल, जिज्ञासा द्वारा स्थापित निवेश, निवेश नेटवर्क और अन्य धार्मिक धर्मग्रंथों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे और बड़ी घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।