केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से रेड नोटिस जारी आरोपित अविनाश अर्जुन राठौड़ को भारत प्रत्यर्पित (डिपोर्ट) कराया। निवेशकों से निश्चित मासिक रिटर्न का झांसा देकर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने के मामले में वांछित राठौड़ को गुरुवार को मुंबई लाया गया, जहां महाराष्ट्र पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
सीबीआई ने शुक्रवार को बताया कि एजेंसी ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के समन्वय से से अविनाश अर्जुन राठौड़ को भारत प्रत्यर्पित किया। उसने अपने अन्य साथियों के साथ आपराधिक साजिश के तहत निवेशकों को विभिन्न निवेश योजनाओं में निश्चित मासिक रिटर्न का झूठा आश्वासन देकर निवेश करने के लिए प्रेरित करता था। इसके बाद उसने निवेशकों की राशि का कथित रूप से गबन कर लिया और धन को विभिन्न बैंक खातों तथा डीमैट खातों के माध्यम से इधर-उधर स्थानांतरित कर दिया।
सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच के दौरान आरोपित के खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी कराया गया था। इसके बाद विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से यूएई के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
सीबीआई के अनुसार, अविनाश अर्जुन राठौड़ 23 जुलाई को मुंबई पहुंचा, जहां महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।