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उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा है कि इन्वेस्ट इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 6.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश को स्थापित करने में सुविधा प्रदान की है, जो भारत के निवेश पारिस्थितिकी तंत्र में मजबूत वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।
आज नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, डीपीआईआईटी के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि ये निवेश 14 राज्यों में फैले हुए हैं और इनसे 31 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। श्री भाटिया ने कहा कि कुल निवेश मूल्य का लगभग 42% यूरोपीय देशों से आया है, जो इस क्षेत्र के साथ मजबूत होते आर्थिक संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की निरंतर भागीदारी भारत के नियामक ढांचे में व्यापक अंतरराष्ट्रीय विश्वास को दर्शाती है, जबकि ब्राजील, न्यूजीलैंड और कनाडा जैसे उभरते स्रोत निवेश आधार के विविधीकरण को उजागर करते हैं। नीतिगत माहौल पर प्रकाश डालते हुए, श्री भाटिया ने कहा कि देश में निवेश की गति नीतिगत स्पष्टता, संस्थागत प्रतिबद्धता और वैश्विक निवेशकों के बीच बढ़ते विश्वास से प्रेरित है।
इस अवसर पर बोलते हुए, इन्वेस्ट इंडिया की प्रबंध निदेशक और सीईओ निवृत्ति राय ने कहा कि एजेंसी के जमीनी निवेशों में हाल के वर्षों में लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जो उच्च मूल्य वाले निवेशों की ओर रुझान का संकेत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर नीतिगत समर्थन और संस्थागत प्रयासों से निवेश प्रवाह में और तेजी आएगी, क्योंकि भारत 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
इन्वेस्ट इंडिया, भारत सरकार के अधीन निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा प्रदान करने वाली राष्ट्रीय एजेंसी है, जो वैश्विक और घरेलू निवेशकों के लिए संपर्क के पहले बिंदु के रूप में कार्य करती है। यह निवेश चक्र के दौरान परामर्श और सुविधा प्रदान करने से लेकर निवेश के बाद की देखभाल और विस्तार तक संपूर्ण सहायता प्रदान करती है।