रायपुर, 20 मार्च । छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन, 20 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किए गए इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य संपत्ति के पंजीकरण (रजिस्ट्री) पर लगने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है।
मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 का उद्देश्य संपत्ति पंजीयन (रजिस्ट्री) पर लगने वाले 12 फीसदी अतिरिक्त उपकर शुल्क को समाप्त करना है। यह उपकर पिछली सरकार में बंद हो चुकी ‘राजीव गांधी मितान क्लब योजना’ के लिए लगाया गया था, जिसे अब हटाया जा रहा है। इस संशोधन से संपत्ति खरीदने वाले लोगों को राहत मिलेगी और स्टाम्प शुल्क में कमी आएगी।
कैबिनेट ने पहले इस विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया था, जिसके बाद इसे विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन पारित कराने की प्रक्रिया अपनाई गई। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधेयक के संबंध में कहा कि इसका उद्देश्य अनुत्पादक या पुरानी योजनाओं के लिए जा रहे अतिरिक्त करों को बंद करना है।
इस अतिरिक्त उपकर के हटने से अब छत्तीसगढ़ में जमीन, मकान या दुकान की रजिस्ट्री कराना पहले के मुकाबले काफी सस्ता हो जाएगा। विशषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से राज्य के मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों को सालाना लगभग 147 से 150 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।