रायगढ़ । भारतीय खाद्य निगम देश के खाद्य सुरक्षा की बहुत बड़ी जिम्मेदारी उठाती है, लेकिन इसके कई कर्मचारी एफसीआई की साख को गहरी चोट पहुंचा रहे हैं।
रायगढ़ डिपो में पदस्थ एक टेक्निकल असिस्टेंट के विरुद्ध भ्रष्टाचार और अवैध उगाही के गंभीर मामलों में शिकायत पीएमओ समेत कई जगहों पर की गई है। एफसीआई रायगढ़ और खरसिया डिपो में इससे पहले भी भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ चुके हैं।
राइस मिलरों के लॉट पास करने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप तो सामान्य है।
इस बार एक राइस मिलर ने गंभीर शिकायत की है। प्रधानमंत्री कार्यालय समेत विजिलेंस को भेजी गई लिखित शिकायत में कहा गया है कि क्वालिटी कंट्रोल डिवीजन रायगढ़ में पदस्थ सहायक ग्रेड-1 टेक्निकल अरुण कुमार सिंह कई तरह के अनैतिक कार्यों में लिप्त हैं।
एफसीआई के उद्देश्यों से अलग वे वसूली का सिंडीकेट चला रहे हैं। वे राइस मिलरों से सांठगांठ कर लगातार बियॉन्ड रिजेक्शन लिमिट का चावल स्वीकार कर रहे हैं। इसके एवज में उन्हें मोटी रकम दी जा रही है। चावल की गुणवत्ता के मापदंडों के विपरीत लॉट स्वीकार किए जा रहे हैं। सीडब्ल्यूसी-1, सीडब्ल्यूसी-2, एसडब्ल्यूसी-1, लोहरसिंग, औरदा आदि गोदामों में उनके पास किए गए लॉट भंडारित हैं। यही नहीं अरुण सिंह ने अपने कई साथियों को भी साथ मिलाकर एक सिंडीकेट बना लिया है। खरसिया डिपो में भी इसी तरह का काम हो रहा है। बीआरएल क्वालिटी का चावल पास करने के लिए 12 हजार रुपए प्रति लॉट की वसूली की जाती है। घटिया क्वालिटी के चावल को लेने के लिए कई राईस मिलरों से मिलीभगत की जाती है। बीआरएल चावल को स्टेक में नीचे डाला जाता है ताकि चेकिंग में यह आसानी से न पकड़ा जा सके। स्वीकृत लॉट में नमी की रीडिंग को भी बदल दिया जाता है ताकि मिलर को लाभ हो।
सैम्पल भी बदल जाते हैं
शिकायतकर्ता ने कहा है कि पांच प्रश आरओ लैब सैम्पल और 10 प्रश डीओ लैब सैम्पल कलेक्शन में भी छेड़छाड़ की जाती है। तय अवधि के पहले ही सैम्पल को नष्ट कर दिया जाता है ताकि कोई गड़बड़ी न पकड़ सके। कोई अधिकारी जांच में आता है तो उसे सुविधाओं और गिफ्ट के रूप में रिश्वत दी जाती है। होटल ट्रिनिटी के बिल देखने पर मामला समझ में आ जाएगा। अरुण सिंह पर आरोप लगाया गया है कि उसने बिलासपुर, अकलतरा, रायगढ़, रायपुर आदि जगहों पर कई बेनामी संपत्तियों खरीदी हैं। अकलतरा में एक राइस मिलर से स्विफ्ट कार लेने का मामला भी चर्चा में रहा था।
राष्ट्रीय क्षति को बचाने कार्रवाई जरूरी
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अरुण कुमार सिंह ने एफसीआई के निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन किया है। जो राइस मिलर उसकी मांग पूरी नहीं करता, उसे परेशान करते हैं। इसकी जानकारी कई आला अधिकारियों को भी है। जो साथी कर्मचारी उसकी बात नहीं मानते, उनका ट्रांसफर कर दिया जाता है। खराब क्वालिटी का चावल लेकर राष्ट्रीय क्षति पहुंचा रहे हैं। आवेदक ने अरुण सिंह पर कार्रवाई की मांग की है।