रायपुर, 12 जून । छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। राजधानी रायपुर में गुरुवार की देर शाम तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। वहीं सरगुजा और कोरबा जिलों में भी दोपहर के बाद आसमान में काले बादल घिर आए और जमकर बारिश हुई। जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से रहत मिली है। रायपुर के कई हिस्सों में लम्बे समय तक बिजली गुल रही ,जिससे लोगों को भारी परेशानी हुई। आज सुबह से ही आसमान में काले बादल छाये हुए हैं।
इस प्री-मानसून के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 48 घंटों के लिए कई जिलों में ओलावृष्टि और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। छत्तीसगढ़ में मानसून के अगले 3 से 4 दिनों के भीतर बस्तर के रास्ते प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय बंगाल की खाड़ी और उत्तर भारत के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण तंत्र बने हुए हैं। इसके साथ ही एक सक्रिय मौसमी द्रोणिका (ट्रफ लाइन) भी गुजर रही है। इन दोनों बड़े सिस्टम के एक साथ एक्टिव होने के कारण हवा में भारी मात्रा में नमी आ रही है, जो मानसून को आगे बढ़ाने में सबसे मददगार साबित हो रही है।
मौसम विभाग ने बताया है कि छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री के लिए मौसमी परिस्थितियां अब पूरी तरह से अनुकूल हो चुकी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश के लिए अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ चलने, बिजली गिरने और भारी बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की पूरी संभावना है।
पिछले 24 घंटों में बारिश और बादलों की वजह से दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) के अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आई है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के तापमान में फिलहाल कोई बहुत बड़ा फेरबदल देखने को नहीं मिला। इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान 43 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड हुआ।