रामानुजगंज की ऐतिहासिक आमंत्रण धर्मशाला को मिलेगा नया स्वरूप, बजरंग मुनि ने जीर्णोद्धार के लिए की 2.5 करोड़ रुपये देने की घोषणा

Posted on: 2026-11-06


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बलरामपुर, 06 नवंबर । बलरामपुर जिले के रामानुजगंज की ऐतिहासिक आमंत्रण धर्मशाला के विकास को नई दिशा मिलने जा रही है। धर्मशाला के जीर्णोद्धार और नवनिर्माण के लिए ज्ञानयज्ञ परिवार के संस्थापक एवं सामाजिक चिंतक बजरंग मुनि ने 2.5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है।

गुरुवार शाम आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम, नगरपालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल और बजरंग मुनि की मौजूदगी में धर्मशाला के नवनिर्मित आठ कमरों का लोकार्पण किया गया। इसी दौरान संस्कार भारती की ओर से क्षेत्रीय संकीर्तन मंडलियों को वाद्ययंत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुरूप 50 सदस्यीय टोली की सामूहिक वंदे मातरम प्रस्तुति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्ञानयज्ञ परिवार के संस्थापक बजरंग मुनि ने आमंत्रण धर्मशाला से अपने पुराने जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह धर्मशाला आजादी से पहले की बनी हुई है। उनके जन्म से भी पहले इसका निर्माण हुआ था। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता से पहले उन्होंने इसी धर्मशाला में पढ़ाई की थी। बाद में जब वे रामानुजगंज नगरपालिका के अध्यक्ष बने, तब नगरपालिका का कार्यालय भी इसी भवन में संचालित होता था।

बजरंग मुनि ने कहा कि इस धर्मशाला से उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है। इसी वजह से इसके विकास और नवनिर्माण की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसके जीर्णोद्धार और विकास के लिए 2.5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उनकी इस घोषणा से शहर की इस ऐतिहासिक धरोहर को नया स्वरूप मिलने की उम्मीद जगी है।

संकीर्तन मंडलियों को वाद्ययंत्र वितरण, लोक संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल

आमंत्रण धर्मशाला के कमरों के लोकार्पण के बाद संस्कार भारती की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्र की संकीर्तन कला से जुड़ी मंडलियों को वाद्ययंत्र वितरित किए गए। इसका उद्देश्य गांवों और शहरों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहित करना और पारंपरिक लोक संस्कृति को आगे बढ़ाना है।

कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के लिए विशेष आकर्षण रही सामूहिक वंदे मातरम की प्रस्तुति। संस्कार भारती के प्रांताध्यक्ष रिखी क्षत्रिय के नेतृत्व में 50 सदस्यीय टोली ने छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुरूप इसकी भव्य प्रस्तुति दी। आयोजकों के अनुसार, पूरे सरगुजा संभाग में इस तरह की प्रस्तुति पहली बार आयोजित की गई।

कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम के दौरान दोनों आयोजनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रामानुजगंज में दो महत्वपूर्ण और अनुकरणीय पहल हुई हैं। पहली पहल समाजसेवियों के सहयोग से ऐतिहासिक धर्मशाला के विकास की है, जिसके तहत बजरंग मुनि के नेतृत्व में आठ सुसज्जित कमरों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं को बधाई दी।

मंत्री ने कहा कि दूसरी पहल संस्कार भारती की ओर से गांव और शहरों में सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की है। रामलीला मंडलियों और संकीर्तन समूहों से जुड़े कलाकारों को वाद्ययंत्र उपलब्ध कराने से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। इससे पारंपरिक सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ सनातन संस्कृति के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

आमंत्रण धर्मशाला के नवनिर्मित कमरों का लोकार्पण, इसके विकास के लिए बड़ी आर्थिक घोषणा और लोक कलाकारों को प्रोत्साहन देने वाली पहल ने रामानुजगंज में आयोजित इस कार्यक्रम को खास बना दिया।