इंडियाएआई मिशन ने दो स्वदेशी एआई फाउंडेशन मॉडल किए जारी

Posted on: 2026-11-04


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भारत में स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में इंडियाएआई मिशन ने दो फाउंडेशन मॉडल ‘एका-1’ और ‘धीर’ जारी किए हैं। ये मॉडल सोकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड और जेंटेकआईक्यू एआईटेक इनोवेशंस ने विकसित किए हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि ऐसे स्वदेशी मॉडल का विकास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की तकनीकी और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है। इनसे सरकार, उद्योग, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्रों में उत्पादकता एवं कार्यक्षमता बढ़ाने के नए अवसर खुलेंगे।

उन्होंने कहा कि एआईकोश जैसे मंचों के माध्यम से इन मॉडलों को शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, नवाचारकर्ताओं और आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे नए प्रयोगों और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

इंडियाएआई के मुख्य परिचालन अधिकारी सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मिशन का उद्देश्य भारत की जरूरतों के अनुरूप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अधिक सुलभ बनाना है। एका-1 और धीर जैसे मॉडल रोजमर्रा के उपकरणों पर चलने वाले हल्के समाधानों से लेकर जटिल व्यावसायिक कार्यों के लिए विकसित उन्नत प्रणालियों तक भारत की प्रगति को दर्शाते हैं।

दोनों कंपनियों को इंडियाएआई मिशन के ‘इंडिया एआई इनोवेशन सेंटर (फाउंडेशन मॉडल्स)’ के तहत स्वदेशी एआई क्षमताओं और बड़े भाषा मॉडल विकसित करने के लिए चुना गया था। मिशन के तहत रियायती राष्ट्रीय एआई कंप्यूटिंग सुविधाओं और अनुसंधान खर्च में सहायता से इन मॉडलों का विकास संभव हुआ।

‘एका-1’ में अंग्रेजी के साथ भारत की सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में काम करने की क्षमता है। इसे ओपन स्पार्स हाइब्रिड भाषा मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। यह गणित, कोडिंग, तर्क क्षमता और एजेंट आधारित कार्यों के लिए तैयार किया गया है।

सोकेट लैब्स के सीईओ अभिषेक उप्परवाल ने कहा कि इंडियाएआई मिशन के सहयोग से उनकी कंपनी ने भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवा और साइबर सुरक्षा क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप उन्नत एआई मॉडल विकसित किया है।

वहीं, ‘धीर 2बी’ और ‘धीर 5बी’ ऑफलाइन काम करने में सक्षम हैं। ये दस्तावेजों पर आधारित स्वचालन, जानकारी खोजने और नागरिकों एवं उद्यमों को सेवाएं देने जैसे कार्यों में उपयोगी हैं। इन्हें रक्षा, सरकारी, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों के लिए विकसित किया गया है, खासकर उन जगहों के लिए जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी सीमित या संवेदनशील है।

जेंटेकआईक्यू एआईटेक इनोवेशंस के सीईओ प्रोफेसर शशिकुमार ने बताया कि धीर मॉडल जीपीयू और टीपीयू सहित अलग-अलग कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म पर काम कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इनका हल्का ढांचा मोबाइल फोन पर सीधे इस्तेमाल की सुविधा भी देता है। इसके लिए क्लाउड कनेक्टिविटी की जरूरत नहीं होती। इससे उपयोगकर्ता अपने डिवाइस पर ही एआई सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं और उनका डेटा डिवाइस में सुरक्षित रहता है। इससे निजता, सुरक्षा और पहुंच बेहतर होती है।