सुबह खाली पेट धनिये का पानी पीने को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। खासतौर पर डायबिटीज यानी मधुमेह से परेशान लोगों के बीच यह घरेलू नुस्खा काफी लोकप्रिय है। माना जाता है कि धनिये के बीजों में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। लेकिन क्या वास्तव में रोज सुबह धनिये का पानी पीने से शुगर कंट्रोल हो सकती है? इसका जवाब समझने के लिए धनिये के संभावित फायदे और वैज्ञानिक प्रमाणों को जानना जरूरी है। धनिया भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक आम मसाला है। इसमें फाइबर और कई तरह के पौधों से मिलने वाले प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं। कुछ शुरुआती प्रयोगशाला और पशु अध्ययनों में धनिये के अर्क का ब्लड शुगर पर सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। माना जाता है कि इसके कुछ तत्व शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता और ग्लूकोज के इस्तेमाल को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, इंसानों में धनिये का पानी पीने से डायबिटीज नियंत्रित होने के पर्याप्त और मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इसे शुगर का इलाज या दवा का विकल्प मानना सही नहीं होगा।
धनिये का पानी बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक से दो चम्मच साबुत धनिये के बीज रातभर भिगोकर रख सकते हैं। सुबह इस पानी को छानकर पीया जा सकता है। कुछ लोग धनिये के बीजों को पानी में उबालकर भी इसका सेवन करते हैं। हालांकि, इसके सेवन की कोई ऐसी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित मात्रा तय नहीं है, जिसे डायबिटीज के इलाज के रूप में अपनाया जा सके।
धनिये को लेकर एक छोटा मानव अध्ययन भी सामने आया है, जिसमें टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित 40 लोगों को छह सप्ताह तक धनिये के बीजों का पाउडर दिया गया। अध्ययन में उनके फास्टिंग ब्लड शुगर के स्तर में कमी देखी गई। लेकिन यह अध्ययन धनिये के पानी पर नहीं, बल्कि निश्चित मात्रा में बीजों के पाउडर पर किया गया था। प्रतिभागियों की संख्या भी कम थी, इसलिए इसके आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि धनिये का पानी पीने से हर व्यक्ति की शुगर नियंत्रित हो जाएगी
डायबिटीज के मरीजों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि धनिये का पानी पीने से उनकी निर्धारित दवाओं का असर खत्म नहीं होता और न ही इसकी वजह से दवाएं बंद करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति इंसुलिन या ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं ले रहा है, तो किसी भी हर्बल उपाय को नियमित रूप से अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। डायबिटीज के नियंत्रण के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच बेहद जरूरी है