ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज 'जन महाभियोग', खरगे रखेंगे प्रस्ताव, मीरा कुमार करेंगी अध्यक्षता; राहुल देंगे भाषण

Posted on: 2026-10-30


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देश की राजनीति में आज एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से 'जन महाभियोग' का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रस्ताव रखेंगे, जबकि लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार इसकी अध्यक्षता करेंगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस आयोजन को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता लोकतंत्र की बुनियाद है और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार सुनिश्चित करे।

विपक्षी गठबंधन ने इस कार्यक्रम के लिए दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आवास, 10 राजाजी मार्ग को चुना है। कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे शुरू होने का प्रस्ताव है। इसमें इंडिया गठबंधन में शामिल विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे। इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का दावा करने वाले कुछ मतदाता, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भी अपनी शिकायतें सामने रखेंगे। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर के नाम पर कई जगह मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। विपक्षी नेता इन मुद्दों को लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार से जोड़कर उठा रहे हैं

इस आयोजन को लेकर गुरुवार को मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं की अहम बैठक हुई थी। बैठक में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी और माकपा के जॉन ब्रिटास सहित कई नेता शामिल हुए। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि गठबंधन के प्रत्येक दल की ओर से एक प्रतिनिधि अपनी बात रखेगा, ताकि सभी दलों के विचार और शिकायतें सामने आ सकें। विपक्ष इस आयोजन के माध्यम से चुनाव आयोग की जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहता है।

हालांकि, इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे वास्तविक संवैधानिक महाभियोग नहीं माना जाएगा। यह विपक्षी गठबंधन की ओर से आयोजित एक प्रतीकात्मक राजनीतिक कार्यक्रम है। मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया इससे अलग है। विपक्ष का यह आयोजन एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित वोट चोरी के खिलाफ रैली से पहले राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा भी है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगा। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि जन महाभियोग के दौरान विपक्ष कौन-कौन से आरोप और दस्तावेज सामने रखता है तथा इस पर चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है