नेपाल में बांग्लादेश के राजदूत ने दुर्गापूजा पंडालों में किए पूजा और आरती, दुर्गापूजा को बताया साझा सांस्कृतिक विरासत

Posted on: 2026-10-22


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काठमांडू, 22 अक्टूबर। नेपाल में बांग्लादेश के राजदूत मोहम्मद शफीकुर रहमान ने दुर्गापूजा के अवसर पर काठमांडू स्थित विभिन्न पंडालों में पूजा की और आरती में सम्मिलित हुए। इतना ही नहीं बांग्लादेशी राजदूत ने गोरखा स्थित मनकामना मंदिर और काली मंदिर का भी दौरा किया।

मंदिर भ्रमण के दौरान उन्होंने पूजा समिति के सदस्यों और मंदिर के पुजारियों के साथ दुर्गापूजा की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया और बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने नेपाल की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के बारे में जानकारी हासिल की।

वह काठमांडू में आयोजित दुर्गा पूजा में भी शामिल हुए। नेपाल की विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को करीब से अनुभव करने पर खुशी व्यक्त करते हुए राजदूत रहमान ने कहा कि दुर्गापूजा के उत्सव में शामिल होना उनके लिए सुखद और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। इस अवसर पर शुभकामना संदेश देते हुए राजदूत रहमान ने सभी नेपाली नागरिकों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

दुर्गापूजा को भारतीय उपमहाद्वीप की साझा सांस्कृतिक विरासत बताते हुए कहा कि यह पर्व धार्मिक सद्भाव, सह-अस्तित्व, एकता और आपसी भाईचारे की भावना को दर्शाता है। दुर्गा पूजा विभिन्न धर्मों और आस्थाओं के बीच के अंतर से ऊपर उठकर सम्मान, करुणा और सहानुभूति की भावना को बढ़ावा देता है।

बांग्लादेश के राजदूत मोहम्मद शफीकुर रहमान ने कहा कि सदियों से नेपाल और बांग्लादेश सहित इस क्षेत्र के समुदायों की संस्कृति और विरासत को आपसी सह-अस्तित्व तथा धार्मिक सहिष्णुता की भावना ने आकार दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसी साझा सांस्कृतिक विरासत दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता, सद्भाव और आपसी समझ को और मजबूत करेगी।