रोज अश्वगंधा का सेवन कितना सही? जानिए लिवर, किडनी और इम्यूनिटी पर इसका क्या असर पड़ता है

Posted on: 2026-09-30


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अश्वगंधा के लंबे समय तक उपयोग करने से लिवर या किडनी को कोई नुकसान नहीं होता है. यह नतीजे एक स्टडी में सामने आएं हैं, जो "फ्रंटियर्स इन मेडिसिन" में प्रकाशित किया गया है.

स्टडी के अनुसार, अश्वगंधा रूट एक्सट्रैक्ट का 24 हफ्तों तक प्रतिदिन सेवन करने वाले स्वस्थ वयस्कों में कोई समस्या नहीं हुई है. साथ ही, अश्वगंधा लेने से वैक्सीन से बनी इम्यूनिटी में किसी महत्वपूर्ण कमी का संकेत भी नहीं मिला.

सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज के महानिदेशक प्रो. (वैद्य) रबिनारायण आचार्य ने कहा कि कंट्रोल परिस्थितियों में 24 हफ्तों तक मानकीकृत अश्वगंधा रूट एक्सट्रैक्ट की सुरक्षा और सहनशीलता को लेकर यह स्टडी महत्वपूर्ण जानकारी देती है.

1200 लोगों पर किया गया ट्रायल-

शोधकर्ताओं ने एक मल्टीसेंटर, रैंडमाइज्ड, डबल-ब्लाइंड, प्लेसीबो-कंट्रोल्ड क्लिनिकल ट्रायल किया, जिसमें भारत के 7 केंद्रों पर 18 से 70 वर्ष की उम्र के ऐसे 1,200 स्वस्थ वयस्कों को शामिल किया गया, जिन्हें कोविडशील्ड (CovidShield) वैक्सीन की पहली, दूसरी या बूस्टर डोज मिल चुकी थी.

प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया. एक समूह को रोजाना 500 मिलीग्राम मानकीकृत जलीय अश्वगंधा रूट एक्सट्रैक्ट दिया गया. यह मात्रा लगभग 4 ग्राम कच्ची अश्वगंधा जड़ के बराबर थी.

दूसरे समूह को इसके समान दिखने वाला प्लेसीबो दिया गया. प्रतिभागियों को 24 हफ्तों तक यह दिया गया और इसके बाद भी उनकी निगरानी की गई. कुल 1,200 प्रतिभागियों में से 1,032 यानी करीब 86% लोगों ने स्टडी पूरी की.