सूरजपुर, 16 सितंबर सूरजपुर जिले में महिला सशक्तिकरण के तहत पंडो जनजाति की महिलाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसर और वित्तीय साक्षरता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कलेक्टर रेना जमील के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में संरक्षण अधिकारी इंदिरा कुमारी तिवारी, जेंडर विशेषज्ञ सलोमी कुजूर और वित्तीय साक्षरता समन्वयक विशेषज्ञ फरजाना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए विभिन्न रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। कृषि के क्षेत्र में भी उपलब्ध संभावनाओं के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम में मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह से होने वाले नुकसान और बच्चों की शिक्षा को लेकर जागरूक किया गया। महिलाओं से बाल विवाह रोकने की अपील करते हुए जरूरत पड़ने पर 1098 पर सूचना देने की जानकारी दी गई। बाल श्रम नहीं कराने और सभी बच्चों को स्कूल भेजने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही यातायात नियमों की जानकारी दी गई।
महिलाओं को नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 एवं 112 सहित विभिन्न योजनाओं और सहायता सेवाओं के बारे में बताया गया। महिला कोष की सावधि जमा, म्यूचुअल फंड और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।
संरक्षण अधिकारी इंदिरा कुमारी तिवारी ने घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के संबंध में विशेष रूप से पंडो जनजाति की महिलाओं को विस्तार से जानकारी दी। कार्यस्थल पर लैंगिक अपराध किस प्रकार हो सकते हैं और ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं को किस प्रकार सहायता मिल सकती है, इसकी भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण केंद्र में महिलाओं को सिलाई, बुनाई सहित अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष ममता राजवाड़े, लेखपाल चम्पा राजवाड़े सहित समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।