तीन रेल परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी, पीएम मोदी बोले- पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

Posted on: 2026-09-10


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को रेलवे की तीन महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। करीब 10,783 करोड़ रुपए की लागत वाली इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क का विस्तार होगा। इससे माल और यात्री परिवहन को गति मिलने के साथ पांच राज्यों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

पीएम मोदी ने बताया फैसले का लाभ

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इससे पांच राज्यों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी। विशेष रूप से विरासत और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क का विस्तार होने के साथ लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।

2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य

कैबिनेट से मंजूर परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी रेल लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन शामिल हैं। इन परियोजनाओं को वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

656 किलोमीटर बढ़ेगा रेल नेटवर्क

पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को कवर करने वाली इन तीन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इससे लगभग 4,790 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी कुल आबादी करीब 56 लाख है।

भीड़भाड़ कम होने से बढ़ेगी परिचालन दक्षता

रेल लाइनों की क्षमता बढ़ने से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता बढ़ेगी। मल्टीट्रैकिंग से ट्रेनों का परिचालन अधिक सुचारू होगा और व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़भाड़ कम होगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाना भी है।

गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत परियोजनाएं

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई हैं। इसका उद्देश्य एकीकृत योजना और विभिन्न हितधारकों के परामर्श के जरिए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी तथा लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ावा देना है। परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

पर्यटन स्थलों तक बेहतर होगी रेल पहुंच

परियोजनाओं से कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक रेल संपर्क मजबूत होगा। इनमें तारातारिणी मंदिर, श्री क्षेत्र जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, विराटेश्वर मंदिर, अमरकंटक मंदिर, ज्वालेश्वर धाम, अचानकमार टाइगर रिजर्व, खुटाघाट बांध, मल्हार पुरातात्विक स्थल और रतनपुर महामाया मंदिर समेत कई प्रमुख स्थल शामिल हैं।

हर साल 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता

प्रस्तावित रेल मार्ग कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात समेत विभिन्न वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं। क्षमता विस्तार से हर साल करीब 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता उपलब्ध होगी। इससे माल परिवहन की दक्षता बढ़ने के साथ रेलवे के जरिए औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

तेल आयात और कार्बन उत्सर्जन में आएगी कमी

रेलवे पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा दक्ष परिवहन माध्यम है। इन परियोजनाओं से देश की लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। अनुमान के मुताबिक, इससे करीब 12 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत होगी और लगभग 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। यह कमी करीब 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर मानी गई है