शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) में मनाए जा रहे हिंदी माह के अंतर्गत सोमवार को श्रीनिवास देशपांडे पुस्तकालय में हिंदी पुस्तकों की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई।
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य संस्थान के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और सदस्यों को हिंदी साहित्य और विज्ञान से संबंधित नई पुस्तकों से परिचित कराना था।
प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रभारी निदेशक एनके मुखोपाध्याय ने किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार सुमित कुमार बिस्वास, पुस्तकालय प्रभारी प्रोफेसर सेठिल राजा ए, एके त्रिपाठी, प्रोफेसर केके सिंह, उप रजिस्ट्रार रवि कुमार, सुधांशु शुक्ला, अमित कुमार सिंह, मेजर निशा बालोरिया, हिंदी अनुवादक शशांक पाठक तथा संस्थान के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उप पुस्तकालयाध्यक्ष नवीन कुमार उपाध्याय ने बताया कि प्रदर्शनी में लगभग 400 नई और महत्वपूर्ण हिंदी पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। इनमें साहित्य, संस्कृति, इतिहास, दर्शन, समाज और विभिन्न अन्य विषयों से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं।
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण ‘द कम्प्लीट वर्क्स ऑफ पंडित मदन मोहन मालवीय’ रहा। नई दिल्ली स्थित महामना मालवीय मिशन द्वारा संकलित और भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित ‘द कम्प्लीट वर्क्स’ के सभी 12 खंड प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए।
इन खंडों में उनके जीवन, विचारों, लेखन और राष्ट्र निर्माण में उनके व्यापक योगदान को समाहित किया गया है। विद्यार्थी और शोधार्थी इन पुस्तकों के प्रति विशेष उत्साह और रुचि दिखा रहे हैं।
आईआईटी (बीएचयू) में हिंदी माह के तहत आयोजित यह प्रदर्शनी न केवल विद्यार्थियों में हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने का माध्यम बनी, बल्कि नई पीढ़ी को मालवीय के विचारों और उनकी समृद्ध विरासत से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल रही।