रामानुजगंज के प्राचीन श्रीराम मंदिर में आज मनेगी जन्माष्टमी, 15 साल बाद बन रहा अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का संयोग

Posted on: 2026-09-04


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बलरामपुर, 04 सितंबर  पूरे देश समेत दुनिया के कई हिस्सों में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में भी जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। कन्हर नदी के तट पर स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर को सजाया गया है। मंदिर परिसर की साफ-सफाई के साथ लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है।

रामानुजगंज के श्रीराम मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। मंदिर के पुजारी यशपाल दुबे के अनुसार शुक्रवार रात करीब 11 बजे से भजन-कीर्तन शुरू होगा। इसके बाद मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

हिंदू धार्मिक पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार रात 11.57 बजे से 12.43 बजे तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का विशेष मुहूर्त रहेगा। इस दौरान पूजा-अर्चना के लिए 43 मिनट का समय मिलेगा। इसी समय भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

द्विक पंचांग के अनुसार इस साल जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। मान्यता है कि करीब 15 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। इसके अलावा हर्षण योग, बुधादित्य योग, हंस योग और मालव्य योग भी बनने की बात कही गई है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और मध्यरात्रि के समय हुआ था। इसी वजह से जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग को विशेष महत्व दिया जाता है।

जन्माष्टमी को लेकर प्राचीन श्रीराम मंदिर परिसर की विशेष साफ-सफाई कराई गई है। नगरपालिका रामानुजगंज के सफाई कर्मचारियों ने मंदिर और आसपास के क्षेत्र की सफाई की। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में लाइटिंग और सजावट की व्यवस्था भी की गई है।

पुजारी यशपाल दुबे ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी रामानुजगंज के लोगों के लिए विशेष पर्व है। मंदिर में कई वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है। जन्मोत्सव से पहले मंडली द्वारा भजन-कीर्तन किया जाएगा और इसके बाद मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।