भारत की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए विश्वास का स्रोत है: पीएम मोदी

Posted on: 2026-09-03


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच व्यापक बातचीत के बाद भारत और बेल्जियम ने गुरुवार को व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अपने सहयोग को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में पिछली तिमाही में भारत द्वारा 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज किए जाने का उल्लेख किया और कहा कि देश की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की स्थिर वृद्धि

पीएम मोदी ने कहा, “आज दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थितियां बनी हुई हैं। भोजन, ईंधन या आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर अनिश्चितता हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। पिछली तिमाही में हमने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास गाथा “दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।”

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने को एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि भारत और बेल्जियम ऐसे संबंध बना रहे हैं, जो व्यापक हैं और पहले की तुलना में कहीं अधिक रणनीतिक हैं।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग प्रमुख स्तंभ

पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का “प्रमुख स्तंभ” बताया। उन्होंने कहा, “आज हमने दोनों देशों के बीच सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई। हमारी सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौते रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए नए अवसर खोलेंगे। हम अपराध से निपटने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने और अपनी एजेंसियों के बीच सहयोग को भी और मजबूत करेंगे।”

लोगों के बीच संबंध और गतिशीलता समझौता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध द्विपक्षीय जुड़ाव की “सबसे बड़ी ताकत” हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने स्टार्ट-अप के बीच संपर्क मजबूत करने और समुद्री क्षेत्र में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने पर भी सहमति जताई। पीएम मोदी ने कहा, “हम विश्वविद्यालयों और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को भी मजबूत करेंगे। साथ ही, प्रतिभाओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए हम जल्द ही ‘प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौते’ को अंतिम रूप देंगे।”

स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और सेमीकंडक्टर

उच्च प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “स्वच्छ ऊर्जा का भविष्य और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला हमारी साझा प्राथमिकताएं हैं। आज नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) हमारे सतत विकास संबंधी सहयोग को नई गति देगा। महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में हमने प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत की व्यापक क्षमता एक-दूसरे की पूरक हैं।”

शांति और आतंकवाद पर रुख

पीएम मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किए जाने की एक बार फिर वकालत की। उन्होंने कहा, “भारत और बेल्जियम दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में भरोसा रखते हैं। चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्षों को जल्द समाप्त करने और शांति स्थापित करने के सभी प्रयासों का समर्थन करते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और बेल्जियम आतंकवाद के हर रूप को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डी वेवर की यात्रा पिछले साल मार्च में राजकुमारी एस्ट्रिड के नेतृत्व में भारत आए बेल्जियम के आर्थिक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को आगे बढ़ाती है। उस दौरान लगभग 40 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत और बेल्जियम के बीच तीन शताब्दियों से अधिक पुराने ऐतिहासिक संबंध हैं। सितंबर 1947 में स्वतंत्र भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले शुरुआती यूरोपीय देशों में बेल्जियम भी शामिल था।