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नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचाव अभियान में लगे सुरक्षाकर्मियों को विशेष उपकरणों, शवों को ले जाने वाले थैलों, रस्सियों और हेलीकॉप्टरों की कमी के कारण बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। माना जाता है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के ढहने या हिमस्खलन के कारण आई इस बाढ़ ने भोटेकोशी नदी के किनारे के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए और पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने आज बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 939 हो गई है, जबकि 4,247 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। चितवान जिले से 279 शव, नवलपरासी पूर्व से 216, नवलपरासी पश्चिम से 168, नुवाकोट से 95, गोरखा से 65, धाडिंग से 55, तनहु से 38 और रसुवा से 23 शव बरामद किए गए हैं।
नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक बचाव उपकरणों की कमी के कारण खतरनाक इलाकों में बचाव अभियान चलाना विशेष रूप से कठिन हो रहा है।
सुरक्षाकर्मियों ने दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए बार-बार हेलीकॉप्टरों की मांग की है। एक पुलिस निरीक्षक ने बताया कि कई लोगों ने मदद के लिए पुलिस कंट्रोल 100 पर संपर्क किया था, लेकिन परिचालन संबंधी दिक्कतों के कारण बचाव दल कभी-कभी उन तक नहीं पहुंच पाते थे।
प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने बाढ़ को “अभूतपूर्व और विनाशकारी प्राकृतिक आपदा” बताया। लगभग 21,000 सुरक्षाकर्मी बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। रेड क्रॉस का अनुमान है कि 90,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि अधिकारी शवों को निकालने और उनकी पहचान करने के प्रयास जारी रखे हुए हैं।
भारत ने नेपाल में बचाव अभियान और पीड़ितों की पहचान में सहायता के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। शवों की पहचान के लिए डीएनए विश्लेषण में सहयोग हेतु 19 सदस्यीय भारतीय फोरेंसिक टीम ने कल काठमांडू में काम शुरू किया। भारतीय सुरंग बचाव दल चिलिमे और लांगटांग स्थित जलविद्युत परियोजनाओं पर भी अभियान जारी रखे हुए है। विशेषज्ञ टीमें नेपाली बचाव दल को विभिन्न जलविद्युत परियोजना स्थलों पर 26 अगस्त से लापता 933 श्रमिकों और कर्मचारियों का पता लगाने में मदद कर रही हैं, जिनमें से कई के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है।