मन की बात: पीएम मोदी ने युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वच्छता और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने का किया आह्वान

Posted on: 2026-08-30


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में युवाओं, महिलाओं, किसानों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं और देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने छोटे प्रयासों से बदलाव ला रहे लोगों का उल्लेख करते हुए समाज की भागीदारी से विकसित भारत के निर्माण का संदेश दिया। उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान को जनांदोलन बनाने, स्वच्छता को व्यवहार का हिस्सा बनाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और युवाओं को अनुसंधान एवं नवाचार से जोड़ने पर जोर दिया।

इतिहास को रोचक बनाने की पहल की सराहना

प्रधानमंत्री ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री की पहल का उल्लेख किया, जिन्होंने इतिहास को तकनीक के जरिए रोचक और सरल बनाने के उद्देश्य से ‘भारत राज्य’ नाम की वेबसाइट तैयार की है। इस वेबसाइट पर किसी भी वर्ष का चयन कर यह जाना जा सकता है कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था। प्रधानमंत्री ने कृष्णा शेषाद्री से बातचीत में भारतीय इतिहास के उन पहलुओं को सामने लाने के उनके प्रयास की सराहना की, जिन्हें अपेक्षाकृत कम चर्चा मिलती है। कृष्णा ने चोल, पल्लव, कर्कोट और अहोम जैसे साम्राज्यों के इतिहास को लोगों तक पहुंचाने की जरूरत बताई।

युवाओं को इतिहास से जोड़ने पर जोर

कृष्णा शेषाद्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि इतिहास में उनकी रुचि बचपन से रही है। उन्होंने तकनीक और इतिहास को जोड़कर ऐसी वेबसाइट बनाने का प्रयास किया है, जिससे इतिहास को कहानी की तरह समझना आसान हो सके। उन्होंने राजराज चोल, राजेंद्र चोल, हेमू और त्रिभुवन महादेवी जैसी ऐतिहासिक हस्तियों के बारे में जानने की इच्छा भी व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने उनके प्रयास को नई पीढ़ी के लिए उपयोगी बताते हुए शुभकामनाएं दीं।

‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की लत का असर केवल व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने युवाओं, संगीतकारों, विद्यार्थियों, थिएटर समूहों और कंटेंट क्रिएटर्स से नशे के खिलाफ प्रभावी स्लोगन, गीत, लघु नाटक और अन्य रचनात्मक सामग्री तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई बार रचनात्मक प्रयास औपचारिक अभियानों से ज्यादा प्रभावी साबित होते हैं।

तिरंगे से जुड़ी देशभक्ति की भावना का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने अगस्त महीने में देशभर में दिखाई देने वाली देशभक्ति की भावना का उल्लेख करते हुए नेशनल हैंडलूम डे, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, स्वतंत्रता दिवस और नेशनल स्पेस डे का जिक्र किया। उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने को भी विशेष बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार 8 करोड़ से अधिक तिरंगा सेल्फी अपलोड की गईं। उन्होंने ‘सूर्यपथ तिरंगा’ का उल्लेख करते हुए बताया कि फिजी के सुवा से शुरू होकर तिरंगा एशिया, अफ्रीका और यूरोप होते हुए अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक पहुंचा।

पीएम स्वनिधि से महिलाओं को मिल रही आर्थिक ताकत

पीएम मोदी ने रेहड़ी-पटरी के कारोबार से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने में पीएम स्वनिधि योजना की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना के लाभार्थियों में करीब 46% महिलाएं हैं और लगभग 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उदाहरण दिया, जो पूजा सामग्री का छोटा स्टॉल लगाती थीं। पीएम स्वनिधि से आर्थिक मदद मिलने के बाद उन्होंने अपने स्टॉल पर सामान बढ़ाया और कारोबार का विस्तार किया। धीरे-धीरे उनका सड़क किनारे का छोटा स्टॉल दुकान में बदल गया।

निन्गम्मा ने बढ़ाया इडली-डोसा का कारोबार

प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु की टी.एस. निन्गम्मा का भी उल्लेख किया। निन्गम्मा और उनके पति ने इडली, डोसा और सांभर बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया था। पीएम स्वनिधि से मिली सहायता के बाद उन्होंने अपनी कार्ट बेहतर की, सामान थोक में खरीदना शुरू किया और मेन्यू में नई चीजें जोड़ीं। कारोबार बढ़ने से उनकी आय में इजाफा हुआ और वह अपने तीन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हुईं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी महिला का कारोबार आगे बढ़ता है तो उसके साथ पूरे परिवार का भविष्य भी आगे बढ़ता है।

पटवाई के युवाओं ने स्वच्छता को बनाया अभियान

पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवाई गांव के आकाश और रोहन की पहल की सराहना की। दोनों युवाओं ने अपने आसपास फैली गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। धीरे-धीरे दूसरे युवा भी उनसे जुड़ गए और ‘क्लीन-अप पटवाई’ टीम तैयार हो गई। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस टीम ने अब तक चार गंगा घाटों की सफाई की है और एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटाया है। युवाओं ने कई तालाबों और सार्वजनिक स्थलों की भी सफाई की है।

अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता और जनभागीदारी

प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता कर्मियों और श्रद्धालुओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरे को एकत्र कर प्रोसेस किया गया। उन्होंने कहा कि 16 हजार से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया और 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को ‘रिस्पॉन्सिबल यात्री’ प्रमाणपत्र दिया गया। यात्रा के दौरान घोड़ों और खच्चरों के गोबर से बायोगैस तैयार कर उसी स्वच्छ ऊर्जा से ‘स्वच्छ ज्योत’ प्रज्ज्वलित की गई।

फूलों की खेती से बदली वेसालु की जिंदगी

पीएम मोदी ने नागालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो की कहानी भी साझा की। किसान परिवार में पली-बढ़ी वेसालु को बचपन से फूलों से लगाव था। वर्ष 2021 में उन्होंने छोटे स्तर पर फूलों की खेती शुरू की। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने एक चौथाई एकड़ जमीन पर ग्लैडियोलस के हजारों पौधे लगाए। पहले ही प्रयास में 5 हजार से ज्यादा फूल खिले। इसके बाद उन्होंने फूलों की खेती का विस्तार किया और आज उनके फूल नागालैंड से दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों तक पहुंच रहे हैं।

जंगल संरक्षण से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

ओडिशा के देबरीगढ़ के धोड़रोकुसुम गांव की मैथिली भुए की कहानी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पहले वह जंगल से जलावन की लकड़ी, महुआ, केंदु पत्ता और अन्य वन उपज एकत्र करती थीं। बाद में वह देबरीगढ़ इको-टूरिज्म से जुड़ीं और जंगल संरक्षण के साथ अपनी आजीविका को जोड़ लिया। मैथिली के प्रयास से प्रेरित होकर 60 से अधिक महिलाएं जंगल संरक्षण से जुड़ चुकी हैं। इनमें कुछ वन्यजीवों की सुरक्षा, कुछ घास के मैदानों के विकास और अन्य महिलाएं इको-टूरिज्म गतिविधियों में योगदान दे रही हैं।

मिशन शक्तिSAT से 108 देशों की छात्राओं को अवसर

प्रधानमंत्री ने बेटियों की अंतरिक्ष और विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए मिशन शक्तिSAT की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मिशन के जरिए 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक और नवाचार सीखने का अवसर मिल रहा है। 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे के अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन शक्तिSAT के दूसरे चरण की शुरुआत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पहल के तहत छात्राओं की भागीदारी से तैयार एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी है।

एवोकाडो की खेती से किसानों को नई आय

प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के कडपा के वरदराज का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने यूट्यूब से जानकारी लेकर एवोकाडो की खेती शुरू की। अब तक वह करीब 4 टन एवोकाडो का उत्पादन कर चुके हैं और स्थानीय दुकानों को सीधे इसकी आपूर्ति कर रहे हैं। तमिलनाडु के कोडाइकनाल के किसान चंद्रशेखरन ने आधे हेक्टेयर जमीन पर एवोकाडो उगाना शुरू किया। वहीं, कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में कुछ किसानों ने कॉफी के बागान के बीच एवोकाडो की खेती शुरू की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों ने इस नई फसल के जरिए आय बढ़ाने का नया रास्ता खोजा है।

उत्तम कुमार को जन्म-शताब्दी वर्ष में याद किया

पीएम नरेंद्र मोदी ने महानायक उत्तम कुमार की आगामी जन्म-शताब्दी का उल्लेख करते हुए उनके अभिनय और व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार बहुमुखी प्रतिभा के अभिनेता थे और अपने अभिनय से लोगों के दिलों में जगह बनाने में सफल रहे। उन्होंने फिल्म ‘नायक’ का उल्लेख करते हुए कहा कि फिल्म प्रेमियों का मानना है कि सत्यजीत रे ने इसकी पटकथा उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी। प्रधानमंत्री ने उनके शुरुआती संघर्ष और सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी जिंदगी कभी हार न मानने की प्रेरणा देती है।

त्योहारों पर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

आने वाले जन्माष्टमी और विश्वकर्मा पूजा जैसे त्योहारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को और मजबूत किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाने का मतलब केवल मिट्टी के दीये खरीदना नहीं है, बल्कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं में भी यह देखना चाहिए कि वे भारत में बनी हों। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स, इंफ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज से भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।

छोटे प्रयासों को ‘मन की बात’ तक पहुंचाने की अपील

प्रधानमंत्री ने अंत में देशवासियों से अपने आसपास बदलाव लाने वाले लोगों और उनके छोटे-छोटे प्रयासों की जानकारी साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का अनुभव देश के किसी दूसरे हिस्से में रहने वाले व्यक्ति के लिए नई प्रेरणा बन सकता है।