मुज़फ़्फ़राबाद, 29 अगस्त पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएल-एन) के नेता इफ़्तिख़ार गिलानी ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओके) के 17वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। शुक्रवार को मुज़फ़्फ़राबाद स्थित पीओके विधानसभा में आयोजित समारोह में उन्होंने पद की शपथ लेने के बाद सदन को अपना पहला संबोधन दिया। प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने भाषण में गिलानी ने भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की और कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत पर निशाना साधा।
प्रधानमंत्री पद के लिए हुए चुनाव में इफ़्तिख़ार गिलानी को 30 वोट मिले, जबकि पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के उम्मीदवार सरदार मुख्तार खान को 14 वोट हासिल हुए। गिलानी पहली बार 2011 में पीओके विधानसभा के लिए चुने गए थे। वह पीओके सरकार में शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इस बार वह टेक्नोक्रेट्स के लिए आरक्षित सीट से विधानसभा पहुंचे हैं।
जिओ न्यूज के मुताबिक, विधानसभा में अपने पहले संबोधन के दौरान गिलानी ने कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत कश्मीरी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार से जोड़ते हुए भारत की आलोचना की। उन्होंने 5 अगस्त 2019 को भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर के संबंध में उठाए गए कदमों का भी विरोध किया।
गिलानी ने दावा किया कि कानून बनाकर कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने पाकिस्तान और कश्मीर के संबंधों को लेकर कहा, "पाकिस्तान कश्मीर के बिना अधूरा है और कश्मीर भी पाकिस्तान के बिना अधूरा है।"
उन्होंने पाकिस्तान सेना और फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर का भी आभार जताया। इसके अलावा प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, पीएमएल-एन प्रमुख नवाज़ शरीफ़ और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ को धन्यवाद दिया।
इफ़्तिख़ार गिलानी ने कहा कि उनकी सरकार पीओके में विकास और शासन के क्षेत्र में उसी तरह बदलाव लाने की कोशिश करेगी, जैसा पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ के नेतृत्व में पंजाब में किया गया है।
उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं के लिए कौशल आधारित शिक्षा और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने का वादा किया। गिलानी ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के लिए नेशनल टेस्टिंग सर्विस (एनटीएस) की तर्ज पर थर्ड-पार्टी भर्ती प्रणाली शुरू करने की योजना का भी ऐलान किया।
नए प्रधानमंत्री ने पीओके को डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने की बात कही। उन्होंने लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए डिजिटल सिटिज़न पोर्टल शुरू करने की योजना भी बताई।
गिलानी ने माना कि पीओके के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं की समस्या बनी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में स्थिति में सुधार होगा। युवाओं को रोजगार और आधुनिक अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने के उद्देश्य से स्किल-बेस्ड शिक्षा पर भी जोर देने की बात कही।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इफ़्तिख़ार गिलानी को पीओके का प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीओके में पीएमएल-एन की जीत पार्टी अध्यक्ष नवाज़ शरीफ़ के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है।
शहबाज़ शरीफ़ ने उम्मीद जताई कि गिलानी पीओके के विकास और वहां के लोगों की भलाई व खुशहाली के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पीओके के लोगों की तरक्की, जीवन की गुणवत्ता और कल्याण में सुधार के लिए हर संभव सहयोग जारी रखेगी।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पीओके में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जारी रहने को भी स्वागत योग्य घटनाक्रम बताया।