कृषि शिक्षा कक्षा में नहीं, बल्कि खेतों में, किसानों के बीच दी जा सकती है: शिवराज सिंह चौहान

Posted on: 2026-08-25


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कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि डिग्री कार्यक्रमों के माध्यम से युवा छात्रों को प्रशिक्षित करने के महत्व पर बल दिया है। आज नई दिल्ली में आईसीएआर संस्थानों के कुलपतियों और निदेशकों के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए श्री चौहान ने कहा कि कृषि शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शामिल करना समय की मांग है। कृषि शिक्षा के बारे में बात करते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसी शिक्षा कक्षा में नहीं बल्कि खेतों में, अन्य किसानों के बीच दी जानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालयों को समय की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप बने रहने के लिए एआई आधारित उपकरणों को शामिल करके अपनी शिक्षण पद्धति में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कुलपतियों से अपने छात्रों के साथ अनौपचारिक संबंध बनाने की अपील की ताकि उनसे सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त किए जा सकें।