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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारत के पहले गैर-जीएमओ उच्च विस्तार वाले पॉपकॉर्न मक्का संकर बीज के विकास को कृषि में आत्मनिर्भरता और देश के स्वदेशी नवाचार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
आज आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु स्थित गौर्मेट पॉपकॉर्निका संयंत्र में बीज का शुभारंभ करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत वर्षों से उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न के लिए आयातित हाइब्रिड बीज प्रौद्योगिकी पर निर्भर रहा है। उन्होंने कहा कि यह नया स्वदेशी बीज इस निर्भरता को समाप्त करने में मदद करेगा और भारत के लिए वैश्विक बाजारों में पॉपकॉर्न उत्पादों के निर्यात के अवसर खोलेगा।
श्री राधाकृष्णन ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय किसानों की उद्यमशीलता की ताकत को दर्शाती है और उन्होंने गौर्मेट पॉपकॉर्निका और इसके नेता पट्टाभी राव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक स्वदेशी उद्यम को एशिया के सबसे बड़े पॉपकॉर्न मक्का प्रसंस्करणकर्ताओं में से एक में बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि आठ राज्यों में 17,500 से अधिक किसान लगभग 40,000 एकड़ भूमि पर खेती कर रहे हैं और अब पॉपकॉर्न मूल्य श्रृंखला का हिस्सा हैं। उन्होंने इस बात की विशेष रूप से सराहना की कि ये किसान परिवार बिना ऋण लिए खेती कर रहे हैं।
श्री राधाकृष्णन ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की पहलों की सराहना की। उन्होंने सभी जिलों में सिंचाई सुविधाओं में सुधार लाने के प्रयासों और दक्षिण भारतीय नदियों को जोड़ने के प्रस्तावित प्रयासों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसान राष्ट्र की रीढ़ हैं और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि को अधिक प्रौद्योगिकी-आधारित, नवोन्मेषी और लाभदायक बनाना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में कृषि के योगदान को रेखांकित किया और केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलों की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि 140 करोड़ से अधिक आबादी वाला भारत खाद्य सुरक्षा के लिए आयात पर निर्भर नहीं रह सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती रहेगी और आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं नवाचार को व्यापक रूप से अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज बोया गया हर बीज कल एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का बीज बनना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने किसानों को भी सम्मानित किया।
राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, राज्य मंत्री और अधिकारी उपस्थित थे।