शिलांग में सेना और आरएएफ का फ्लैग मार्च, तनाव के बीच सुरक्षा कड़ी

Posted on: 2026-08-22


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शिलांग, 22 अगस्त । मेघालय की राजधानी शिलांग में शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की रैली के दौरान 19 अगस्त को हुई हिंसा के बाद सेना और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने शहर के विभिन्न हिस्सों में फ्लैग मार्च किया।

शिलांग में यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया, जिसमें केएसयू के काले झंडे के विरोध-प्रदर्शन के दौरान असम से आए पर्यटकों के वाहनों को निशाना बनाया गया था। कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और कुछ पर्यटकों के घायल होने की भी सूचना है। हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा।

स्थिति को नियंत्रित करने में राज्य पुलिस की मदद के लिए केंद्र सरकार ने मेघालय में केंद्रीय सशस्त्र बलों की पांच कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी है। वहीं, घटना के बाद असम के विभिन्न संगठनों की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।

इसी बीच, असम के सीमा संरक्षण एवं विकास मंत्री अतुल बोरा और मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्नियावभालांग धर ने शनिवार को गुवाहाटी में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में शिलांग की घटना के बाद पैदा हुए तनाव और जोरबाट में हुए विरोध-प्रदर्शनों की स्थिति की समीक्षा की गई तथा आगे तनाव बढ़ने से रोकने के उपायों पर चर्चा हुई।

बोरा ने शिलांग की घटना को “अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने घटना के बाद तत्काल कदम उठाए। उन्होंने बताया कि सरमा ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से बातचीत की थी, जिसके बाद दोनों राज्यों के बीच शांति बनाए रखने और लोगों की आवाजाही सुचारू करने के उपायों पर चर्चा की जिम्मेदारी दी गई।

असम के मंत्री ने दोनों राज्यों के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की तथा असम और मेघालय के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का हवाला दिया।

शिलांग की हिंसा के बाद असम में मोटर वाहन श्रमिक संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अगले दिन जोरबाट में प्रदर्शन शुरू हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने मेघालय के पंजीकरण वाले वाहनों को असम में प्रवेश करने से रोका और कुछ वाहनों को वापस लौटने के लिए मजबूर किया।

जोरबाट में विरोध-प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी शिलांग में क्षतिग्रस्त वाहनों के लिए मुआवजे और संबंधित अधिकारियों से माफी की मांग कर रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और रिजर्व पुलिस बल की तैनाती की गई है।

एक प्रदर्शनकारी कैब चालक ने कहा कि वाहन चालक इस मामले का समाधान और क्षतिग्रस्त वाहनों के लिए मुआवजा चाहते हैं।

चालक ने शिलांग में केएसयू के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जोराबाट में पुलिस की तैनाती के कारण मेघालय के वाहनों को नुकसान से बचाने में मदद मिली है।

शिलांग में हिंसा के बाद केएसयू के तीन वरिष्ठ पदाधिकारियों - अध्यक्ष रेमंड खारजाना, उपाध्यक्ष पिन्कमेनलांग सनमिएत और महासचिव रूबेन नजियार को देर रात गिरफ्तार किया गया था। ये गिरफ्तारियां हिंसा के सिलसिले में की गईं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को कहा था कि उन्होंने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से बातचीत की है और तत्काल प्राथमिकता मेघालय में तनावपूर्ण स्थिति के बीच फंसे असम के लोगों की चिंताओं को दूर करना है।

शिलांग में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती और जोराबाट में पुलिस की मौजूदगी के बीच दोनों राज्यों के अधिकारी अब स्थिति को और बिगड़ने से रोकने तथा असम-मेघालय के बीच लोगों और वाहनों की आवाजाही सामान्य बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।