भारत के प्रति श्रीलंका की सबसे सकारात्मक सोच, रिसर्च सर्वे में हुआ खुलासा

Posted on: 2026-08-17


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दुनियाभर के लोग भारत को लेकर अनुकूल और सकारात्मक नजरिया रखते हैं। 36 देशों में किए गए एक नए सर्वेक्षण में श्रीलंका भारत के प्रति सबसे सकारात्मक धारणा रखने वाले देश के रूप में उभरा है। 

प्यू रिसर्च सेंटर का सर्वे

न्यूजवायर लंका ने वाशिंगटन के प्यू रिसर्च सेंटर के नए सर्वे के बारे में विस्तार से बताया कि श्रीलंका ने भारत को सबसे मजबूत रेटिंग दी, जिसमें 79 फीसदी लोगों ने अच्छी राय दी। सिर्फ 11 फीसदी लोगों ने भारत को नकारात्मक तौर पर देखा। लगभग 63 फीसदी श्रीलंकाई लोगों ने भी भारत को अपने देश के लिए एक अहम साथी माना।

79 फीसदी श्रीलंकाईयों की अच्छी राय, 2024 से और मजबूत हुई धारणा 

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 से सकारात्मक सोच में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान श्रीलंका में 65 फीसदी लोगों की भारत के बारे में अच्छी राय थी। इस साल फरवरी और मई के बीच किए गए सर्वे में 42,000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था। सर्वे किए गए देशों में औसतन 45 फीसदी लोगों ने भारत के बारे में अच्छी राय दी।

मजबूत संबंधों और सहायता का असर

न्यूजवायर लंका ने बताया कि भारत-श्रीलंका के मजबूत संबंधों के बीच यह बेहतर भावना आई है। 2022 में श्रीलंका को गंभीर आर्थिक संकट और बड़े पैमाने पर अशांति का सामना करने के बाद भारत ने इस द्वीपीय देश को बड़ी मदद दी। इसकी मदद में 7.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की क्रेडिट लाइन और वित्तीय मदद शामिल थी। इस मदद ने हाल ही में द्विपक्षीय संबंधों में सुधार में अहम भूमिका निभाई है।

सभी जिलों में विकास परियोजनाएं

श्रीलंका में विकास परियोजनाओं के लिए भारत की ओर से मिली मदद 7.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा हो गई है, जिसमें सभी 25 जिले शामिल हैं। कोलंबो में भारतीय उच्चायोग के अनुसार, 7.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की मदद के साथ भारत के लोगों से जुड़े प्रोजेक्ट्स श्रीलंका के सभी 25 जिलों में फैले हुए हैं। 7.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद में 850 मिलियन डॉलर से ज्यादा ग्रांट शामिल हैं। इससे पूरे द्वीप देश में हाउसिंग, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, रेलवे, ऊर्जा और रोजी-रोटी में बदलाव आ रहा है।

लोग-केंद्रित साझेदारी

श्रीलंका के साथ भारत की लोगों पर केंद्रित विकास साझेदारी दोनों देशों के बीच संबंध के सबसे जरूरी स्तंभ में से एक है। कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि भारत के डेवलपमेंट में मदद करने वाले प्रोजेक्ट श्रीलंका सरकार और वहां के लोगों की तय की गई प्राथमिकताओं पर आधारित हैं।

सहायता परियोजनाओं की पारदर्शी तरीके से किए गए दृष्टिकोण और स्थानीय सामग्री व स्थानीय जनशक्ति के इस्तेमाल के माध्यम से किए गए कार्यान्वयन के लिए व्यापक सराहना की गई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी समर्थन मिलता है।

यह सहायता क्षमता निर्माण, मानव संसाधन विकास, कमजोर वर्गों के उत्थान के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास और दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास, आजीविका सहायता, परिवहन आदि पर केंद्रित है।