नई दिल्ली, 12 अगस्त । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं की भूमिका और उनके सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। प्रधानमंत्री ने बुधवार को एक्स पर सुभाषित साझा करते हुए लिखा कि देश के युवा अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य के माध्यम से दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
इसी संदर्भ में उन्होंने संस्कृत का यह सुभाषित साझा किया, “चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्। प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।“ इस सुभाषित का अर्थ है कि जो व्यक्ति अपने दृष्टिकोण, विचारों, वचनों और कर्मों से जन-मन जीतता है, वह बदले में लोगों का विश्वास, सम्मान और सद्भावना अर्जित करता है।