विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

Posted on: 2026-08-11


hamabani image

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के बाद स्थिगित की गई है। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सुबह 11 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। विपक्ष के सदस्‍य इस संबंध में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे थे।

श्री बिरला ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कल स्पष्ट किया था कि गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से सदन के सुचारू संचालन में सहयोग करने की अपील की। ​​अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल सबसे महत्वपूर्ण समय होता है क्योंकि यह सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि सदन में तख्तियां और बैनर लाना संसदीय मर्यादा के विरुद्ध है।

श्री बिरला ने संसद में बार-बार हो रहे व्यवधान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सदन में लगातार इस तरह की स्थिति से वे व्यक्तिगत रूप से आहत हैं। श्री बिरला ने सभी विपक्षी सदस्यों से कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। ​​हंगामा जारी रहने पर श्री बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

उधर, राज्‍यसभा में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। विपक्ष के हंगामें के बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थिगित करनी पडी। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों के दस्तावेज सदन के पटल पर रखे। आवास और शहरी मामलों, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, परिवहन, पर्यटन और संस्कृति तथा सामाजिक न्याय और अधिकारिता से संबंधित संसदीय स्थायी समितियों की रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत की गईं। विपक्ष के हंगामे के बीच सभापति सी पी राधाकृष्णन ने शून्यकाल शुरू किया, लेकिन केवल बीजेडी के डॉ संतृप्त मिश्रा ने ही सार्वजनिक महत्व के मुद्दे उठाये। हंगामा जारी रहने पर सभापति ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।