12 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व हाथी दिवस से पहले फिल्म, टेलीविजन और विज्ञापन जगत से जुड़े कई कलाकारों, निर्माताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने हाथियों के संरक्षण की दिशा में एक अहम संकल्प लिया है। दीया मिर्जा, पूजा भट्ट, जॉन अब्राहम और सनी लियोन समेत मनोरंजन और विज्ञापन उद्योग से जुड़े 25 प्रमुख लोगों ने घोषणा की है कि वे अपने प्रोडक्शन में असली हाथियों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इन हस्तियों ने अपने साथियों से भी शूटिंग के दौरान जानवरों के प्रति संवेदनशील और दयालु विकल्प अपनाने की अपील की है।
यह पहल ‘पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स’ यानी PETA इंडिया के ‘एलिफेंट फ्रीडम प्लेज’ के तहत की गई है। संकल्प पर हस्ताक्षर करने वाले इंडस्ट्री लीडर्स ने मनोरंजन और विज्ञापन सामग्री के निर्माण के दौरान असली हाथियों की जगह आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का समर्थन किया है। इनमें मैकेनिकल हाथियों, कंप्यूटर-जनरेटेड इमेजरी (CGI) और विजुअल इफेक्ट्स जैसे विकल्प शामिल हैं।
25 इंडस्ट्री लीडर्स ने लिया संकल्प
इस पहल के तहत फिल्म, टेलीविजन और विज्ञापन उद्योग से जुड़े 25 लोगों ने ‘एलिफेंट फ्रीडम प्लेज’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य मनोरंजन जगत में जानवरों के इस्तेमाल को कम करना और शूटिंग के दौरान उनके प्रति होने वाली संभावित परेशानी से बचाना है।
हस्ताक्षर करने वाले लोगों का मानना है कि मौजूदा दौर में तकनीक इतनी विकसित हो चुकी है कि फिल्म या विज्ञापन में हाथी की मौजूदगी दिखाने के लिए वास्तविक जानवर को सेट पर लाने की आवश्यकता नहीं है। CGI और विजुअल इफेक्ट्स की मदद से हाथियों के दृश्य वास्तविक जैसे बनाए जा सकते हैं।
असली हाथियों के बजाय तकनीक का इस्तेमाल
इस संकल्प के तहत प्रोड्यूसर और कंटेंट क्रिएटर अपनी परियोजनाओं में असली हाथियों के बजाय मैकेनिकल हाथियों, CGI और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध हुए हैं।
फिल्मों और विज्ञापनों में हाथियों के दृश्यों के लिए पहले वास्तविक जानवरों को शूटिंग स्थल पर लाया जाता था। इसके लिए उन्हें लंबे समय तक सेट पर रहना पड़ सकता था। अब तकनीकी विकल्पों के बढ़ते इस्तेमाल से इस तरह की निर्भरता को कम किया जा सकता है। मैकेनिकल हाथियों को नियंत्रित तरीके से शूटिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि CGI के जरिए हाथी के आकार, गतिविधि और व्यवहार को डिजिटल रूप से तैयार किया जा सकता है। इससे निर्माताओं को रचनात्मक स्वतंत्रता मिलने के साथ-साथ वास्तविक जानवरों को सेट पर लाने की जरूरत भी कम होती है।
दीया मिर्जा समेत कई हस्तियां शामिल इस पहल से जुड़ने वाली प्रमुख हस्तियों में अभिनेत्री और पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा, पूजा भट्ट, अभिनेता जॉन अब्राहम और सनी लियोन शामिल हैं। इन कलाकारों के अलावा प्रोडक्शन और कंटेंट निर्माण से जुड़े अन्य लोगों ने भी संकल्प पर हस्ताक्षर किए हैं। इन हस्तियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मनोरंजन उद्योग का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। बड़े कलाकार और निर्माता जिस तरह के विकल्प अपनाते हैं, उससे इंडस्ट्री में काम करने वाले अन्य लोगों और दर्शकों के बीच भी जागरूकता बढ़ सकती है। साथियों से भी अपील प्लेज पर हस्ताक्षर करने वाले इंडस्ट्री लीडर्स ने अपने सहयोगियों और साथियों से भी जानवरों के प्रति दयालु विकल्प अपनाने की अपील की है। उनका संदेश है कि मनोरंजन के लिए जानवरों का इस्तेमाल जरूरी नहीं है, खासकर तब जब तकनीक के जरिए समान दृश्य प्रभाव पैदा किए जा सकते हैं। इस पहल के जरिए फिल्म और विज्ञापन निर्माताओं को यह सोचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है कि शूटिंग की प्रक्रिया में जानवरों की भागीदारी को किस तरह कम किया जा सकता है। इसका उद्देश्य केवल हाथियों तक सीमित नहीं, बल्कि मनोरंजन उद्योग में जानवरों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को बढ़ावा देना भी है। हाथियों के संरक्षण पर जोर विश्व हाथी दिवस हर साल 12 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और उनके सामने मौजूद खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है
हाथियों को वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण प्रजाति माना जाता है। जंगलों में उनकी भूमिका पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। आवास का नुकसान, मानव-वन्यजीव संघर्ष और अवैध शिकार जैसे मुद्दे हाथियों के संरक्षण के सामने चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में मनोरंजन उद्योग में असली हाथियों के इस्तेमाल से बचने का संकल्प जागरूकता के स्तर पर महत्वपूर्ण संदेश दे सकता है। CGI और VFX से बदल रहा फिल्म निर्माण फिल्म निर्माण में CGI और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। आज डिजिटल तकनीक की मदद से ऐसे दृश्य तैयार किए जा सकते हैं, जिन्हें कुछ वर्ष पहले वास्तविक जानवरों या बड़े सेटअप के बिना बनाना मुश्किल माना जाता था। हाथियों के मामले में भी यही तकनीक निर्माताओं को विकल्प उपलब्ध कराती है। किसी दृश्य में हाथी को दौड़ते, चलते या किसी खास गतिविधि में दिखाने के लिए डिजिटल मॉडल और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे शूटिंग के दौरान जानवरों को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा से जुड़े सवालों को भी कम किया जा सकता है। पशु कल्याण को लेकर बढ़ती जागरूकता मनोरंजन जगत में पशु कल्याण को लेकर जागरूकता पिछले कुछ समय में बढ़ी है। निर्माता और कलाकार अब शूटिंग में जानवरों की भागीदारी को लेकर अधिक सावधानी बरतने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ‘एलिफेंट फ्रीडम प्लेज’ इसी व्यापक सोच का हिस्सा है। PETA इंडिया की पहल के तहत 25 इंडस्ट्री लीडर्स का एक साथ आना इस बात का संकेत है कि मनोरंजन और विज्ञापन उद्योग के कुछ हिस्से वास्तविक जानवरों की जगह तकनीकी विकल्पों को अपनाने की दिशा में प्रतिबद्धता जता रहे हैं। विश्व हाथी दिवस से पहले लिया गया यह संकल्प मनोरंजन उद्योग में हाथियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में कितने और प्रोडक्शन हाउस, कलाकार और कंटेंट क्रिएटर इस तरह के विकल्पों को अपनाते हैं और शूटिंग में वास्तविक हाथियों के इस्तेमाल से दूरी बनाते हैं।