सब्सक्रिप्शन के लिए एजियस टेक्नोलॉजीज का आईपीओ लॉन्च, 11 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग

Posted on: 2026-08-04


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नई दिल्ली, 04 अगस्त । रोबोटिक्स और इंटेलिजेंट ऑटोमेशन सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी एजियस टेक्नोलॉजीज का 23.71 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में छह अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद सात अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 10 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 11 अगस्त को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद दोपहर 1:30 बजे तक इस आईपीओ को 20 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 100 रुपये से लेकर 105 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,52,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 22,58,400 शेयर जारी किए जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 42.72 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 29.97 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 12.91 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 14.40 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए टर्नअराउंड कॉरपोरेटर एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि स्काईलाइन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। प्रभात फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

एजियस टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 93 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1.39 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 4.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 15.28 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 21.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 41.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदा कर्ज का बोझ मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 4.16 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा कम होकर 4.10 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 11.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 5.82 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 5.30 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 9.28 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 5.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 11.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 15.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.66 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 3.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 6.48 करोड़ रुपये के स्तर पर था।