होर्मुज के ऊपर अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन मार गिराने का ईरान का दावा

Posted on: 2026-08-03


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तेहरान, 03 अगस्त । ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। आईआरजीसी के अनुसार, इस कार्रवाई में आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल किया गया।

ईरान सरकार के अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क प्रेस टीवी के अनुसार, आईआरजीसी के आधिकारिक मीडिया मंच 'सेपाह न्यूज' ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में सार्वजनिक की जाएगी।

ईरान का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य, क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को लेकर बयानबाजी और तनाव तेज हुआ है।

एमक्यू-9 रीपर अमेरिकी सेना का अत्याधुनिक सशस्त्र ड्रोन है, जिसका उपयोग निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने, लक्षित हमलों और टोही अभियानों के लिए किया जाता है। यह अमेरिकी सैन्य अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

आईआरजीसी ने दावा किया कि हालिया संघर्ष के दौरान अमेरिका के कई एमक्यू-9 रीपर ड्रोन नष्ट किए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन की कीमत लगभग तीन करोड़ अमेरिकी डॉलर तक हो सकती है। ईरान का कहना है कि इन ड्रोन के नष्ट होने से अमेरिकी ड्रोन बेड़े को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों ने पहले भी स्वीकार किया है कि उच्च जोखिम वाले युद्ध क्षेत्रों में एमक्यू-9 रीपर की सुरक्षा और उसकी जीवित रहने की क्षमता को लेकर चुनौतियां सामने आई हैं। इसके बावजूद यह ड्रोन अब भी अमेरिकी सैन्य अभियानों में खुफिया, निगरानी और लक्षित कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, एमक्यू-9 रीपर को मूल रूप से अपेक्षाकृत कम खतरे वाले क्षेत्रों में संचालन के लिए विकसित किया गया था। लेकिन आधुनिक और बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणालियों वाले क्षेत्रों में इसकी प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ईरान का दावा है कि उसके एकीकृत एयर डिफेंस नेटवर्क ने कई अमेरिकी ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।

इससे पहले अमेरिकी वायुसेना के अधिकारियों ने कांग्रेस को जानकारी दी थी कि बढ़ते सैन्य अभियानों और बदलते खतरे के मद्देनजर एमक्यू-9 रीपर बेड़े को और अधिक सुरक्षित तथा सक्षम बनाने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार अभियानों के कारण ड्रोन बेड़े का रखरखाव भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया है कि हालिया अभियानों के दौरान उसने ईरानी क्षेत्र, फारस की खाड़ी और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के विरुद्ध कई ड्रोन अभियान चलाए हैं। हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों के सामने एमक्यू-9 रीपर जैसे ड्रोन लगातार निशाना बनते हैं, तो भविष्य के सैन्य संघर्षों में मानव रहित विमानों की भूमिका, रणनीति और तकनीकी क्षमता को लेकर नई बहस तेज हो सकती है।