आईटीसी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान प्रोडक्ट बिक्री से कंपनी का रेवेन्यू 27.82 प्रतिशत बढ़कर 29,409.82 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 23,016 करोड़ रुपये के आसपास था। कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है।
हालांकि, आय बढ़ने के बावजूद खर्चों में तेज बढ़ोतरी ने कंपनी के मुनाफे पर दबाव बनाया। आईटीसी का कुल खर्च जून तिमाही में सालाना आधार पर 48 प्रतिशत बढ़कर 24,809.95 करोड़ रुपये हो गया। बढ़ती लागत और वैश्विक बाजार में अस्थिरता को कंपनी ने मुनाफे में कमी का प्रमुख कारण बताया है।
आईटीसी ने अपने बयान में कहा कि जून तिमाही के दौरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कारोबारी माहौल में अनिश्चितता बढ़ी। इसके अलावा कच्चे तेल और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसका असर वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर पड़ा।
कंपनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की कीमतों में बदलाव, लॉजिस्टिक्स लागत और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के कारण खर्च बढ़ा है। इसके बावजूद आईटीसी समूह की कई कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया और कारोबार को मजबूती दी।
आईटीसी ने बताया कि आईटीसी इन्फोटेक, सूर्य नेपाल, स्प्राउटलाइफ फूड्स और आईटीसी होटल्स जैसे कारोबारों ने समूह के प्रदर्शन में सकारात्मक योगदान दिया। इन कंपनियों के अच्छे नतीजों के कारण समूह की कुल आय में वृद्धि दर्ज की गई।
आईटीसी का कारोबार एफएमसीजी, होटल, पेपरबोर्ड, कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। कंपनी का कहना है कि वह बाजार की चुनौतियों के बीच अपने कारोबार को मजबूत बनाए रखने और लागत प्रबंधन पर ध्यान दे रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी की आय में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि मांग और बिक्री के स्तर पर स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करना आने वाली तिमाहियों में कंपनी के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।