छत्तीसगढ़ में पहली बार महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ आज

Posted on: 2026-07-30


hamabani image

 छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार आज एक नई पहल की शुरुआत करने जा रही है। गुरुवार को पहली बार "महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान" का शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस राज्यव्यापी अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम बालोद जिले में आयोजित होगा। यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ जोड़ते हुए समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना विकसित करना है।

इस अभियान की प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान से ली गई है। जिस तरह प्रधानमंत्री ने प्रत्येक नागरिक से अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने का आह्वान किया था, उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना से जुड़ी महिलाओं को इस अभियान का केंद्र बनाया है। राज्य सरकार का मानना है कि जब महिलाएं पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक अभियान का नेतृत्व करती हैं, तो उसका प्रभाव परिवार और समाज दोनों पर व्यापक रूप से दिखाई देता है।

महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की एक प्रमुख महिला कल्याण योजना है, जिसके माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब इसी योजना से जुड़ी लगभग 2.45 लाख हितग्राही महिलाओं को वृक्षारोपण अभियान से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण का नया संदेश दिया जा रहा है। महिलाएं अपने घरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूल परिसरों, पंचायत भवनों और अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाएंगी। इससे एक ओर हरित क्षेत्र का विस्तार होगा तो दूसरी ओर महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी और अधिक मजबूत होगी।

वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पौधों की देखभाल और संरक्षण भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार चाहती है कि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बनें और पर्यावरण को स्थायी लाभ पहुंचाएं। इसलिए लोगों को केवल पौधे लगाने के लिए ही नहीं, बल्कि उनके नियमित संरक्षण और रखरखाव के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

इस अभियान की एक विशेष बात इसका डिजिटल स्वरूप भी है। पौधारोपण करने के बाद प्रतिभागी महिलाएं अपनी सेल्फी निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेंगी। सत्यापन के बाद उन्हें डिजिटल प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। इससे अभियान में पारदर्शिता आएगी, प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ेगा और सरकार के पास वृक्षारोपण की डिजिटल निगरानी का भी एक प्रभावी माध्यम उपलब्ध होगा। डिजिटल प्रमाण-पत्र महिलाओं के योगदान का सम्मान भी होगा और भविष्य में उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी बनेगा।

आज जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट और वायु प्रदूषण जैसी चुनौतियां पूरी दुनिया के सामने हैं। ऐसे समय में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक माना जाता है। पेड़ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, मिट्टी का संरक्षण करते हैं, वर्षा चक्र को संतुलित रखने में मदद करते हैं और जैव विविधता को सुरक्षित रखते हैं। यही कारण है कि सरकारें और पर्यावरण विशेषज्ञ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को जलवायु परिवर्तन से निपटने का महत्वपूर्ण साधन मानते हैं।

छत्तीसगढ़ पहले से ही अपनी समृद्ध वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में महिलाएं इस अभियान से जुड़ती हैं, तो यह राज्य के हरित आवरण को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही, यह अभियान समाज में यह संदेश भी देगा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

राज्य सरकार का विश्वास है कि "महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान" हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई ऊर्जा देगा। महिलाओं की भागीदारी से यह पहल सामाजिक आंदोलन का रूप ले सकती है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता तीनों को एक साथ बढ़ावा मिलेगा। यदि प्रत्येक परिवार एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाले वर्षों में इसका सकारात्मक प्रभाव पर्यावरण, समाज और आने वाली पीढ़ियों—तीनों पर दिखाई देगा।