झारखंड में सुरक्षा बलों को नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ सागर दा को सयुंक्त अभियान के तहत गिरफ्तार कर लिया गया । उसके साथ संगठन के दो सक्रिय सदस्य और दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। बेसरा के खिलाफ झारखंड में 141 मामले दर्ज है।
बताया गया है कि गिरिडीह-धनबाद सीमा क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान से बचने के लिए मिसिर बेसरा ने अपने चार सहयोगियों के साथ टाटा मैजिक वाहन से भागने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने उसे धनबाद के बरवाअड्डा से घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम को यह कामयाबी खुफिया इनपुट पर मिली। टाटा मैजिक से तीन एके 47 राइफल भी बरामद हुई हैं। बेसरा के साथ रीजनल कमेटी सदस्य तुम्बा मांझी और एरिया कमेटी सदस्य बिरेन हांसदा के अलावा मंगल मुर्मू एवं दिनेश राय को भी गिरफ्तार किया गया है।
केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां चारों से पूछताछ कर रही है। झारखंड के आईजी (अभियान) नरेंद्र कुमार सिंह ने बुधवार को इन सभी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। वह झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में सक्रिय रहा है। उस पर सुरक्षाबलों पर हमले, हत्या, लेवी वसूली और विस्फोट जैसी कई संगीन घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं।