जिले में संचालित 'मोर गांव, मोर पानी' अभियान किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इसी अभियान के तहत विकासखंड नवागढ़ की ग्राम पंचायत पचेड़ा के लघु कृषक पिताम्बर बरेठ को विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत कृषि एवं आजीविका डबरी की सौगात मिली है। इससे उनकी खेती को नई दिशा मिली है और आजीविका के बेहतर अवसर भी सृजित हुए हैं।
वर्ष 2025-26 में 0.907 लाख रुपये की लागत से निर्मित आजीविका डबरी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके निर्माण के दौरान 299 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को भी रोजगार मिला।
डबरी बनने के बाद वर्षा जल का प्रभावी संचयन होने लगा है, जिससे पिताम्बर बरेठ को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। अब वे वर्षभर खेती करने के साथ मत्स्य पालन शुरू करने की भी योजना बना रहे हैं। इससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही भू-जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने और जल उपलब्धता में सुधार से आसपास के खेतों को भी लाभ मिल रहा है।
पिताम्बर बरेठ बताते हैं कि, पहले सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खेती प्रभावित होती थी। बारिश पर निर्भरता के कारण उत्पादन भी सीमित रहता था। लेकिन आजीविका डबरी बनने के बाद सिंचाई के लिए पानी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है। उनका कहना है कि अब खेती आसान हो गई है और मत्स्य पालन जैसे अतिरिक्त कार्यों से आय बढ़ने की उम्मीद है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार का भविष्य भी अधिक सुरक्षित बन सकेगा।