भारतीय डीप-टेक कंपनी ड्रीमफ्लाई इनोवेशंस (Dreamfly Innovations) ने सोमवार को उत्तर बेंगलुरु में 40,000 वर्ग फुट क्षेत्र में अत्याधुनिक एविएशन बैटरी निर्माण संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की। कंपनी का कहना है कि यह परियोजना भारत के ड्रोन उद्योग को मजबूती देने के साथ-साथ ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
कंपनी के अनुसार, इस संयंत्र की शुरुआती वार्षिक उत्पादन क्षमता 100 मेगावाट-घंटा (MWh) होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 200 MWh तक किया जा सकेगा। यह ड्रोन क्षेत्र के लिए भारत की सबसे बड़ी एविएशन बैटरी निर्माण इकाइयों में से एक होगी।
इस प्लांट में रक्षा, निगरानी, बुनियादी ढांचे के निरीक्षण, कृषि में ड्रोन स्प्रे, लॉजिस्टिक्स और भविष्य की एयर टैक्सी जैसी सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन के लिए उन्नत बैटरियां बनाई जाएंगी।
कंपनी का कहना है कि इस निवेश से ड्रोन के सबसे महत्वपूर्ण पुर्जों में से एक एविएशन बैटरी के घरेलू निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।
ड्रीमफ्लाई इनोवेशंस ने बताया कि उसके मौजूदा उत्पादों में 77 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री (Indigenous Content) का उपयोग किया जाता है। इससे किसान ड्रोन नीति के उद्देश्यों को भी समर्थन मिलेगा और घरेलू ड्रोन निर्माताओं को स्थानीय स्तर पर विकसित बैटरी समाधान उपलब्ध होंगे।
कंपनी की सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) काजल शाह ने कहा कि एविएशन बैटरियां ड्रोन के प्रदर्शन, सुरक्षा, उड़ान अवधि और विश्वसनीयता तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा, “भारत में ड्रोन अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में उन्नत बैटरी निर्माण की घरेलू क्षमता विकसित करना बेहद जरूरी है। हमारा नया संयंत्र भारत में अत्याधुनिक बैटरियों का निर्माण करेगा, स्थानीय ड्रोन उद्योग को मजबूत करेगा और ‘विकसित भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा।”
कंपनी के अनुसार, यह विस्तार भारत में स्वदेशी डीप-टेक क्षमताओं को विकसित करने और देश को ड्रोन एवं अगली पीढ़ी की विमानन तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।