चार महिला जूडो खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में बनाई जगह, मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था का दिखा असर

Posted on: 2026-07-23


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भारतीय जूडो को लंबे समय से जिस मजबूत खिलाड़ी विकास प्रणाली की जरूरत थी, उसका असर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। बेहतर प्रशिक्षण, वैज्ञानिक तैयारी और निरंतर सहयोग के दम पर चार भारतीय महिला जूडो खिलाड़ियों ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में स्थान हासिल किया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुनी गई खिलाड़ियों में मध्य प्रदेश की यामिनी मौर्या, उत्तराखंड की उन्नति शर्मा, पंजाब की इशरूप नारंग और मणिपुर की तखेलंबम इनुंगनबी शामिल हैं। चारों खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की की है।

इन खिलाड़ियों को एक्सिस बैंक और इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (आईआईएस) के संयुक्त खिलाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं मिलती रही हैं। इस पहल के माध्यम से अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को सहायता दी जा चुकी है, जिनमें 471 जूनियर और 53 एलीट महिला जूडो खिलाड़ी शामिल हैं।

इस कार्यक्रम से जुड़े खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 140 से अधिक पदक जीते हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों को जापान, जॉर्जिया और उज्बेकिस्तान जैसे देशों में आयोजित 11 अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लेने का अवसर मिला, जिससे उन्हें विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त हुआ।

एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड विजय मुलबगल ने कहा कि खिलाड़ियों को सही माहौल और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने से उनके प्रदर्शन में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चार खिलाड़ियों का चयन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

वहीं, आईआईएस की अध्यक्ष मनीषा मल्होत्रा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य खिलाड़ियों को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है।

भारतीय जूडो में हाल के वर्षों में उभरती नई प्रतिभाओं, विशेषकर पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों के खिलाड़ियों की बढ़ती मौजूदगी यह संकेत देती है कि देश में खेल का आधार लगातार मजबूत हो रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि ये खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने प्रदर्शन से भारत के पदक अभियान को कितना आगे ले जा पाती हैं।