तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।
दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई से नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और लाठीचार्ज किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद छात्रों के समर्थन में तथा केंद्र सरकार के विरोध में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस कार्रवाई के बाद विभिन्न विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की आलोचना की।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी बयान में कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे युवाओं के समर्थन में पहुंचे राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह कार्रवाई निंदनीय है और दिल्ली में हुई घटना की निंदा करते हुए टीवीके संसद परिसर में विपक्षी दलों द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शन को अपना पूर्ण समर्थन देता है।
विजय ने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर उनकी पार्टी का रुख शुरू से ही स्पष्ट और अडिग रहा है। उनका मानना है कि यह परीक्षा प्रणाली छात्रों और उनके परिवारों पर अनावश्यक मानसिक एवं सामाजिक दबाव डालती है, इसलिए इसे पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने या झूठे आश्वासन देने के बजाय ठोस संवैधानिक समाधान तलाशना आवश्यक है।
बयान में कहा गया है कि यदि नीट जैसी केंद्रीय परीक्षा व्यवस्था को समाप्त करना है तो शिक्षा को फिर से राज्य सूची में शामिल किया जाना चाहिए। विजय के अनुसार यही इस समस्या का स्थायी समाधान है। यदि तत्काल ऐसा करना संभव नहीं हो और कोई संवैधानिक या कानूनी बाधा सामने आए, तो अंतरिम व्यवस्था के रूप में एक विशेष समवर्ती सूची (स्पेशल कॉन्करेंट लिस्ट) बनाई जानी चाहिए। इसके माध्यम से राज्यों को शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विषयों पर अधिक अधिकार दिए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा जैसे विषयों पर राज्यों को पूर्ण अधिकार मिलने से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां बनाई जा सकेंगी और छात्रों के हितों की बेहतर रक्षा होगी। विजय ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने स्थापना के समय आयोजित शिक्षा पुरस्कार वितरण समारोह में भी इस विषय पर विस्तार से अपनी नीति और दृष्टिकोण प्रस्तुत किया था।
मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार से छात्रों और आम जनता की भावनाओं का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि देशभर में उठ रही मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।